सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश के प्रतिनिधि संजय मिश्र ने आपत्ति जताई कि जिला योजना के सदस्यों के प्रस्ताव पर काम नहीं हो रहा है। जबकि दूसरे लोगों का काम कराया गया। अजगरा के विधायक कैलाश सोनकर ने स्कूलों में डेक्स बेंच लगाने की मांग की। पिंडरा के विधायक अवधेश सिंह ने जल निगम की पानी की टंकियों की व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा।
निगम में शामिल गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी
कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव और रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने आपत्ति की कि उनके विधानसभा के क्रमश: पांच और 27 गांव नगर निगम सीमा में शामिल हो गए हैं। जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इस पर निगम से जवाब मांगा। वहीं सेवापुरी के 87 गांव में नलकूप की नालियां बनाने की मांग की गई। महिला मंगल दल में संख्या बढ़ाने और रामेश्वर में होम्योपैथिक हॉस्पिटल में सरकारी धन के दुरुपयोग को देखते हुए उसे ढहाने की मांग की गई।
प्रस्ताव में 27.55 प्रतिशत धनराशि एससी-एसटी के लिए
वित्तीय वर्ष 21-22 के लिए 416.71 करोड़ रुपए के जिला योजना के प्रस्ताव पिछली बार के जिला योजना के बराबर है। इसमें एससी एसटी के लिए 27.55 प्रतिशत की धनराशि प्रस्तावित की गई है। जबकि निर्माण कार्यों के लिए 57.85 प्रतिशत की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसमें 305.58 करोड़ रुपए राज्यांश है। जबकि 111.12 करोड़ केंद्रांश हैं। जिला योजना के प्रस्ताव में पुष्टाहार को शामिल नहीं किया गया है।
विभागवार परिव्यय करोड़ रुपए में
- सड़क एवं पुल 45
- रोजगार कार्यक्रम 56.65
- पंचायत राज 57.02
- नगरीय पेयजल 30.98
- ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम 17.70
- एलोपैथी 15.59
- ग्रामीण आवास 59.87
- पिछड़ा वर्ग कल्याण 12.77
- समाज कल्याण सामान्य जाति 17.71
- दिव्यांग कल्याण 15.04
- महिला कल्याण 11.12