फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्वांचल के खेतों में पैदा होगा बांग्लादेश का धान

विज्ञापन
विज्ञापन
आने वाले दिनों में यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में बांग्लादेश से लाई गई धान की प्रजाति किसान लगा सकेंगे। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) के साउथ एशिया रीजनल सेंटर चांदपुर में बांग्लादेशी धान की प्रजाति के साथ कुल 27 धान की प्रजातियों को ट्रायल के लिए लगाया गया। इस पर इरी के वैज्ञानिक शोध कर रहे है।
विज्ञापन

अभी तक के प्रगति के हिसाब से बांग्लादेशी धान की प्रजाति का प्रदर्शन काफी बेहतर माना जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो इसे अगले साल से सामान्य किसान भी अपने खेतों में उगा सकेंगे। डॉ. स्वाती नायक, डॉ. कुंतल दास सहित अन्य कई वैज्ञानिकों के संयुक्त प्रयास से इरी सहित यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में 389 किसानों के पास करीब 350 हेक्टेयर में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) समेत आठ निजी ब्रीडिंग कंपनियों के सहयोग से 27 प्रजाति के धान के बीज के ट्रायल लगाए गए हैं। जिसमें बांग्लादेशी, कालानमक, जीरा 32, बाढ़ और सूखा रोधी प्रजातियां प्रमुख है।
इरी के वैज्ञानिकों ने बताया कि यूपी के बनारस, चंदौली, गाजीपुर, प्रयागराज, कौशांबी, गोरखपुर और बहराइच, बिहार के मुजफ्फपुर, जहानाबाद, पटना, बांका, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद जिलों के करीब 350 हेक्टेयर में धान की प्रजातियों का ट्रायल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें