रखौना में एलपीजी टैंकर में आग लगने से कई लोग खासे परेशान हुए। खजुरी में खड़े मिर्जापुर निवासी अनुपम सिंह और रोहित सिंह ने बताया कि उन्हें महामना एक्सप्रेस ट्रेन से वाराणसी से नई दिल्ली जाना था। शाम सात बज गए, अब न वह दिल्ली ही जा पाएंगे और न वापस घर ही लौट रहे हैं। भदोही से शिवपुर क्षेत्र स्थित अपने ससुराल जा रहीं विमला पांडेय ने कहा कि चार घंटे से वह सड़क पर ही हैं। ठंड की वजह से उनका दो साल का बेटा आरव बहुत परेशान है और रो रहा है। भदोही निवासी पंकज मिश्रा ने बताया कि वह बीएचयू अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को खून देने जा रहे थे, मगर चार घंटे से ज्यादा समय से खजुरी में ही रुके हुए हैं।
प्रशासन का बचाव का दावा साबित हुआ हवाहवाई
प्रशासनिक अमले का कारखानों और गैस प्लांट में आग पर काबू पाने का दावा शनिवार की शाम हवा-हवाई साबित हुआ। दरअसल, बीते 28 दिसंबर को जिला क्राइसिस ग्रुप के अध्यक्ष जिलाधिकारी एस राजलिंगम के निर्देशन और सहायक निदेशक कारखाना अर्चना की देखरेख में वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर हरहुआ स्थित इंडियन ऑयल के एलपीजी बाटलिंग प्लांट के बाहर एक टैंकर में ट्रक की टक्कर से हुए लीकेज, आग बुझाने, रेस्क्यू और बचाव कार्य का रिहर्सल किया गया था। दावा किया गया था कि ऐसी विषम परिस्थिति में समय रहते हुए तत्काल आग पर काबू पाने वाराणसी जनपद का प्रशासनिक अमला पूरी तरह से तैयार है। मगर, शनिवार की शाम रखौना में एलपीजी टैंकर में आग लगी तो दमकल विभाग असहाय नजर आया।