दी कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने मिलेनियम स्टार अमिताभ बच्चन का नागरिक अभिनंदन करने का मन बनाया। तब अमर सिंह के अमिताभ बच्चन, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह, जया बच्चन, जया प्रदा और शबाना आजमी नगर के आईटीआई मैदान में आए।
अभी यह सिलसिला और आगे चलता लेकिन तभी ईश्वर ने उन्हें अपने पास बुला लिया। अमर सिंह ने तरवां जब अपना नया आवास बनवाया तब उस समय उप्र के सीएम मुलायम सिंह यादव थे। उन्होंने गृह प्रवेश का पूजन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ किया।
जिस घर का गृह प्रवेश उन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ किया था उसे बाद में आरएसएस को दान कर दिया। आजम खान के पार्टी में आने बाद अखिलेश से खटास होने पर उन्होंने खुद को सपा से अलग कर लिया। लोक मंच नाम से एक नई पार्टी बनाई और अलग पूर्वांचल राज्य की मांग भी उठाई।
वैसे तो राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की गिनती उद्योगपतियों में होती थी, लेकिन फिल्मी दुनिया में भी कई अभिनेता उनके बहुत करीबी थे। उनके सबसे करीबियों में मिलेनियम स्टार अमिताभ बच्चन का नाम लिया जाता है।
लेकिन वह सबसे पहले जनपद में राजबब्बर को प्रेस क्लब के एक कार्यक्रम में लेकर आए थे। इसके बाद तो जनपद में फिल्मी सितारों के आने से सिलसिला ही शुरू हो गया जो अमर सिंह के जाने के बाद ऐश्वर्या राय बच्चन पर आकर ठहर गया।
कांग्रेस शासन काल में दिल्ली में हुए बाटला हाउस इंकाउंटर के बाद सपा की ओर से संजरपुर में जनसभा का आयोजन किया गया था। इस जनसभा में पहुंचे अमर सिंह ने इस एनकाउंटर में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। जब वह जनसभा में पहुंचे तो कहा कि आजमगढ़ के लोगों को आतंकवादी घोषित कर मारा जा रहा है। मैं भी आजमगढ़ का लाल हूं मुझे भी गोली मार दो।
अमर सिंह के दिल में हर धर्म और संप्रदाय के लोगों के प्रति आदर था। इसका नजारा बाटला हाउस इंकाउंटर को लेकर सपा द्वारा आयोजित जनसभा में देखने को मिला। जनसभा चल रही थी अमर सिंह लोगों को संबोधित कर रहे थे। उनके द्वारा केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए जा रहे थे।
तभी उनके कानों में अजान की आवाज पहुंची और उन्होंने बोलना बंद कर दिया और हाथ के इशारे से माइक को भी बंद करने को कहा। हर कोई हैरान आखिर क्यों बोलना बंद कर दिए। जब पीछे से किसी ने कुछ कहा तो उन्होंने कहा अजान हो रही है हो जाने दो।