वाराणसी। शुक्रवार और शनिवार को हुई तेज बारिश ने घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। खुदाई के बाद जैसे-तैसे पाट दी गईं सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। जिन सड़कों की खुदाई नहीं हुई है, वे भी उधड़ गई हैं और गिट्टियां बिखर गई हैं। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने के लिए शनिवार को दिनभर राहगीर सड़कों पर जूझते रहे। खोदी गई सड़कों को प्रशासन ने पांच अक्तूबर तक हर हाल में बना देने का निर्देश दिया था लेकिन मियाद बीत गई और सड़कें जस की तस हैं। ध्वस्त सड़कों के चलते नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं को मां के दरबार तक पहुंचने में काफी फजीहत उठानी पड़ी। पूजा पंडालों में स्थापित करने के लिए मूर्तियों को भी ले जाने में परेशानी हुई।
शहर के पहडि़या से पांडेयपुर, हुकुलगंज मार्ग, रथयात्रा से महमूरगंज और नरिया से सुंदरपुर मार्ग का तो खुदाई के चलते यह हाल है कि लोग किसी तरह जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं। जिला प्रशासन ने सड़कों की खुदाई बंद करने का फरमान तो जारी कर दिया लेकिन खोदी गई सड़कों को फिर से चलने लायक बनाने की जहमत संबंधित विभागों ने नहीं उठाई। आननफानन में कुछ गड्ढों को गिट्टी और मिट्टी डालकर पाट दिया गया। अब तेज बारिश के चलते गड्ढों में पानी भर गया है। बची सड़क की गिट्टी उखड़ गई है। बिखरी गिट्टियों पर लोगों का चलना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न मार्गों पर की गई पैचिंग भी उखड़ गई। वरुणापार इलाके में पांडेयपुर से हुकुलगंज मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने का काम हुआ। कागजों में सड़क बना भी दी गई लेकिन बारिश ने विभाग की पोल खोलकर रख दी।
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बारिश के चलते गिरजाघर चौराहे पर धंसी सड़क, आवागमन प्रभावित
वाराणसी। तेज बारिश के चलते गिरजाघर चौराहे पर शुक्रवार की देर रात सड़क धंस गई। इसके चलते आवागमन प्रभावित हो रहा है। सड़क पर बीचोबीच बने गड्ढे में गिरने से लोगों को बचाने के लिए आसपास के दुकानदारों ने उसके पास लकड़ी की सीढ़ी और लोहे की बैरिकेडिंग लगा दी। इसके चलते गोदौलिया से गिरजाघर की ओर जाने वाले वाहनों को बारी-बारी से निकाला जा रहा था। गड्ढा होने की जानकारी जल निगम के अधिकारियों को दी गई है। क्षेत्रीय नागरिक बसंत लाल ने बताया कि जिस समय सड़क धंसी, सड़क पर काफी पानी लगा था। सड़क पर बहने वाला पानी उसी गड्ढे में जाने लगा। चार पहिया और दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी। आसपास के लोगों ने राहगीरों को गड्ढे की ओर जाने से रोका। पानी जब सड़क से निकल गया तो देखा गया कि गड्ढा इतना बड़ा है कि उसमें चारपहिया गाड़ी समा जाए। इस घटना के लिए क्षेत्रीय लोग प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि जब पाइप डालने के लिए गड्ढा खोदा गया तो उसे पाटने में कोताही क्यों बरती जाती है? ठीक ढंग से गिट्टी बालू डाली गई होती तो सड़क न धंसती। जलकल के सचिव एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि गिरजाघर के पास स्टार्म वाटर की पाइप लाइन डाली गई है। जल निगम के अधिकारियों को सड़क की मरम्मत करने को कहा गया है। लक्सा के पार्षद ओम प्रकाश चौरसिया ने प्रशासन से जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की मांग की है।
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शहर के कई इलाकों में जलभराव के बीच आवागमन जारी
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दर्शन पूजा के लिए निकले श्रद्धालुओं को धोना पड़ा पैर, पंडालों की रौनक धुली, प्रतिमाएं ले जाने में हुई फजीहत
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बारिश से शहर के कई इलाकों में अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश और शनिवार को हुई हल्की बारिश के चलते अर्धनिर्मित पूजा पंडालों की रौनक धुल गई तो प्रतिमाओं को ले जाने में भी भक्तों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मोहल्लों में जलभराव ने दिक्कतें खड़ी कर दी है। धूलभरी सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव के बीच से लोगों की आवाजाही जारी है। जलभराव से सड़कों पर चलने वालों को परेशानियां हो रही हैं। पानी के चलते सड़कों के गड्ढों के बारे में उन्हें पता नहीं चल रहा है। इसके चलते कई वाहन चालक और राहगीर पानी के बीच सड़कों पर असंतुलित हो रहे हैं।
महमूरगंज, तुलसीपुर, कमच्छा, बजरडीहा, जोल्हा, जक्खा, गुरुबाग, औरंगाबाद, सोनियां, सिगरा, तेलियाबाग आदि इलाकों की सड़कों पर जलभराव रहा। जिसके चलते आम जनता को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। सबसे अधिक दिक्कत दर्शन पूजा के लिए निकले श्रद्धालुओं को हुई। नवरात्र के पहले दिन उन्हें जगह-जगह गंदे जल के बीच से होकर मंदिर जाना पड़ा। दर्शन से पूर्व श्रद्धालुओं को पहले अपने पैर धोने पड़े। देर रात हुई बारिश के बाद शनिवार की सुबह जब लोगों ने दुकानें खोली तो उन्हें अंदाजा हुआ कि कितना पानी दुकान में घुसा था। दुकान में नीचे रखा सामान पानी से खराब हो गया था। जिन इलाकों में खुदाई की गई है वहां की स्थिति और खराब हो गई है। जलभराव से निबटने के लिए नगर निगम पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। यही कारण है कि सड़कों पर लगा पानी निकालने के लिए सफाईकर्मियों ने मेनहोल के ढक्कन को थोड़ा उठा दिया है। इनके अलावा नालियों और उसके मोड़ पर फंसे कूड़े कचरे को उन्होंने नहीं निकाला है। जिसके चलते ऐसी पानी निकलने की रफ्तार काफी धीमी है।
इनसेट
जितने किक पर गाड़ी स्टार्ट मैकेनिक ने उतने मांगे दाम
बीती रात जलभराव के चलते कई वाहन चालकों की गाडि़यां बंद हो गई थी। देर रात जिसे जहां जगह मिली वहां गाड़ी खड़ी करके लोग घर चले गए। शनिवार की सुबह जब गाड़ी लेकर किक मारे तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। दर्जनों गाडि़यों को स्टार्ट करने के लिए लोग मैकेनिक के पास गए। मैकेनिक ने भी मनचाहा दाम लिया। गाड़ी स्टार्ट कराने के एवज में दस से सौ रुपये तक वसूला गया। सिगरा के मैकेनिक राजू ने बताया कि जो गाड़ी दस किक में स्टार्ट हो गई उस ग्राहक से दस रुपये लिए गए। कई ऐसी गाडि़यां थी जिनके साइलेंसर से पानी निकालने के लिए सौ-सौ किक मारने पड़े। ऐसे लोगों से सौ रुपये लिए गए।