प्रगतिशील किसान पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि उन्होंने अच्छे पौधों का चयन कर धान की तथा गेहूँ की प्रजातियां विकसित की गई। छोटे किसानों को खेती के साथ छोटे उद्योगों को अपनाकर अपनी आय बढ़ानी चाहिए। इसके अलावा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बाराबंकी से पद्मश्री रामशरण शर्मा और करनाल से सुल्तान सिंह ने खेती की तकनीक से फायदों के बारे में विस्तार से बताया।
छात्रों के लिए हुई अभिभाषण प्रतियोगिता में जम्मू की डॉ. अम्बरीन हमदानी को पहला, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय की पद्मिनी जोशी को दूसरा जबकि बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के जितिन के.आर. को तीसरा पुरस्कार मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. रमेश सिंह, प्रो. राकेश सिंह, प्रो.पीके सिंह आदि मौजूद रहे।