उत्तर प्रदेश में लोक सेवा आयोग द्वारा लोअर सबॉर्डिनेट भर्ती परीक्षाओं को आयोजित करने में विलंब होने से अभ्यर्थियों की आयु सीमा को लेकर पेंच फंस गया है।
हाईकोर्ट ने आयोग को परीक्षाएं समय से नहीं कराने पर ओवर एज हो चुके अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट देने पर विचार करने का निर्देश दिया है।
श्रीप्रकाश श्रीवास्तव समेत तमाम अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर एक साथ विचार करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने सक्षम प्राधिकारी से कहा है कि वह वर्ष 1992 के नियमों के तहत आयुसीमा में छूट देने पर दो माह में निर्णय लें।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भी निर्देश दिया है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिए जाने तक वह ओवर एज हो चुके अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से परीक्षा में बैठने की अनुमति दे या फिर वर्ष 2008 और वर्ष 2013 की अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा को टाल दिया जाए।
भर्ती परीक्षा समय से नहीं कराए जाने के कारण तमाम ऐसे अभ्यर्थी जो समय से परीक्षा होने पर उसमें सम्मिलित होने के लिए अर्ह थे विलंब के कारण अधिकतम आयु सीमा पार कर गए और अब परीक्षा में शामिल होने के योग्य नहीं रह गए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल की हैं।
कोर्ट ने कहा है कि सक्षम प्राधिकारी लोक सेवा आयोग से विचार विमर्श कर अधिकतम आयुसीमा के मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विचार करें। इस मामले पर 1992 की नियमावली के नियम तीन के तहत विचार किया जाए।
इस नियमावली में सक्षम प्राधिकारी यानी राज्यपाल को अधिकतम आयुसीमा में छूट दिए जाने के संबंध में विचार करने का अधिकार है।