प्रयागराज, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चुनावी चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
मंजूषा सिंह ने कहा कि पहले से तो स्थिति सुधरी है लेकिन और सुधार की आवश्यकता है। इस सरकार में माफिया टाइप के लोग पर नकेल कसा गया है। वहीं विकास के मुद्दे पर मंजूषा ने कहा कि यह तो हो ही रहा है। ऐसी सत्ता, ऐसा ही प्रशासन, मोदी और योगी के रूप में ऐसे महापुरुष हों तो विकास होता ही रहेगा। जूही श्रीवास्तव ने कहा कि थाने पर अधिकतर ऐसा होता है कि महिलाएं बैठी रहती हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। पुलिस को महिलाओं के मामले में ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है। जब घटना हो जाती है उसके कई देर बाद पुलिस वहां पहुंचती है। कभी कभी तो पीड़िता की शिकायत भी दर्ज नहीं की जाती।
मंजू गुप्ता ने लड़कियों के बाहर निकलने और उनके शिक्षा के मुद्दे पर कहा कि मौजूदा समय में बच्चियों को परिवार का पूरा सपोर्ट मिलता है। मैं एक बात कहना चाहूंगी कि कहा जाता है कि महिलाएं, पुरुषों के बराबर हैं पर उन्हें उस हिसाब से देखा नहीं जाता है। आजकल लड़कियां तो हर क्षेत्र में आगे हैं। रही सुरक्षा की बात तो लड़कियां इस समय सुरक्षित महसूस करती हैं। बाकी कोई घटना अगर घट जाती है तो उसका क्या कर सकते? आप ये नहीं कह सकते हैं किस पुरुष के मन में क्या चल रहा है? घटना जब घट जाती है तब पता चलता है कि वहां पर कुछ हुआ है। प्रशासन तो हर जगह तो नहीं पहुंच सकती है पर उसकी कोशिश पूरी रहती है। पुलिस की गाड़ी आजकल हर जगह खड़ी रहती है।
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चुनावी चर्चा
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संध्या तिवारी ने कहा कि यहां हम जेवर नहीं पहन पाती हूं। सुरक्षा है पर उतना नहीं है। इसमें और सुधार करना चाहिए। पूनम चौरसिया ने भी इस पर हामी भरी। उन्होंने कहा कि यह तो हकीकत है कि जेवर पहनने में बड़ी दिकक्त होती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन करने गई थी चेन गायब हो गया। जयमाला जायसवाल ने कहा कि प्रयागराज पहले से काफी बदल गया है। सरकार कई योजनाएं ला रही हैं लेकिन जिनको चाहिए उन तक पहुंच ही नहीं रही है, पार्टियों तक ही रहती है। गरीब वहीं के वहीं हैं। वहीं, इस पर एक महिला ने कहा कि सरकारी तंत्र में सब गड़बड़ चल रहा है।
रचना अग्रवाल ने कहा कि जो प्रधान हैं, जो सभासद हैं वो अपने जगह की बिल्कुल भी केयर नहीं कर रहे हैं। महिलाओं की वे लोग नहीं सुनते हैं। न प्रधान सुनते हैं और न ही सभासद। मैं ये नहीं कहूंगी कि वे अपना पेट भर रहे हैं या जो भी कर रहें हों लेकिन महिलाओं की नहीं सुनते हैं। इस पर एक महिला ने कहा कि अगर सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया जा सकता है तो प्रधान और सभासद पर इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए। डॉ. शांति चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार में महिलाएं निश्चित रूप से सुरक्षित हुई हैं। महिलाओं का खुद का आत्मविश्वास बढ़ा है। ममता मिश्रा ने बेरोजगारी की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण इतनें दिनों से जो सबकुछ ठप था। मोदी जी कोई जादू तो नहीं कर देंगे। सबकुछ धीरे धीरे होगा। प्रिया नारायण ने कहा कि वर्तमान सरकार बहुत अच्छा काम रही है। लोगों को जागरूक और अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महंगाई पर किसी भी सरकार का कोई नियंत्रण नहीं हो सकता है।