2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' अधिवक्ताओं के बीच पहुंचा। हरदोई के बार एसोसिएशन परिसर में यहां के कुछ वकीलों ने कहा कि हरदोई क्राइम के मामले में पहले से बेहतर हुआ है है वहीं कुछ ने कहा कि यहां अपराधी बेलगाम है। प्रशासन मौन है। गुंडागर्दी चरम पर है। इसके साथ ही अन्य मुद्दों पर भी उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। हालांकि, इस दौरान उन्होंने वर्तमान सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ भी की। पढ़िए किसने क्या कहा?
वकीलों ने उठाए ये सवाल
विजय पांडे नाम के एक वकील ने कहा कि हरदोई में भष्टाचार चरम पर है। जो काम पहले 10 रुपये में होता था, वह काम अब 100 रुपये में होता है। यहां प्रशासन बेलगाम है। पुलिस सबसे बड़ी गुंडा है। पूरा शासन और प्रशासन पुलिस के ही हाथों में है। वहीं, अधिवक्ता आशुतोष बाजपेयी ने कहा कि नहीं, वर्तमान सरकार में हालात पहले से सुधरी है। पिछली सरकार में में गुंडागर्दी चरम पर थी, रंगदारी वसुली जा रही थी, गैंगरेप की घटनाएं खूब होती थीं लेकिन अब इसमें कमी आई है। उन्होंने कहा कि यहां क्राइम रेट घटा है।
वकील चंद्रशेखर ने कहा कि यहां अपराध में कोई सुधार नहीं हुआ है। दिन में आपराधिक घटना को अंजाम दिया जाता है और प्रशासन चुप रहती है। अधिवक्ता कुलदीप यादव ने कहा कि हाल ही में 12 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई थी। प्रशासन ने उस घटना को पूरी तरह से दबाने की कोशिश की। हरदोई में अपराध बहुत बढ़ गया है। दिन में आए दिन लूटपाट की घटना होती है। थाना स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
वहीं, त्रिलोकी सिंह नाम के एक वकील ने कहा कि हरदोई की कानून व्यवस्था पहले से बहुत अच्छी है। अधिवक्ता कौशल कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्र भारत में ऐसी सरकार कभी नहीं आएंगी। मौजूदा सरकार में कामकाज बेहतर तरीके से हुआ है। वहीं, एक वकील ने कहा कि यहां कोई सुधार नहीं हुआ है, जैसा पहले था वैसे अब भी है। उधर, सुधीर कुमार यादव ने कहा कि अधिवक्ताओं ने कोरोना काल की प्रताड़ना की झेली। सरकार ने उनके के लिए कुछ नहीं किया।
महिला सुरक्षा के लिहाज से हरदोई
अधिवक्ता ममतेश गुप्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिहाज हरदोई काफी बेहतर हुआ है। यहां की बात तो छोड़ दीजिए सभी जगह हालात बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो दिन दहाड़े लड़कियां उठा ली जाती थीं, थाने में रेप हो जाता था लेकिन अब गुंडा गर्दी पर नकेल कसा गया है। महिला खुद को पहले से बेहतर व निडर महसूस करती हैं।
स्वास्थ्य व सड़क की समस्या
कई अधिवक्ताओं ने स्वास्थ्य और सड़क की समस्याओं पर बोलते हुए कहा कि यहां डेंगू की समस्या से लोग परेशान है। पूरा अस्पताल भरा है। वहीं, वकील सुरेश कुशवाहा ने कहा कि हरदोई में कुछ बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी से 70 साल हो गए लेकिन संडीला से खुटौना जाने वाली सड़क को मुख्य सड़कों से अभी तक नहीं जोड़ा गया है। वही, महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने जो मिल के पत्थर साबित किए हैं वो दुनिया के किसी के देश में नहीं हुआ है। वकील ऋषिपाल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में अच्छा काम किया है।