जिला अस्पताल में बच्चे को देखते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृज कुमार। संवाद
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उन्नाव। इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहा है। बदलता मौसम बच्चों और बुजुर्गों को बीमार बना रहा है। तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच वायरल और एलर्जिक ब्रांकाइटिस (सांस फूलने की बीमारी) का खतरा बढ़ रहा है। बच्चे निमोनिया की जद में है तो बुजुर्ग सांस फूलने की दिक्कत से परेशान हैं।
नवंबर के पहले सप्ताह से सुबह मौसम गर्म व रात को सर्द हो गया है। सुबह और शाम के तापमान में गिरावट जारी है। मौसम के इस खेल में लोग बीमार पड़ रहे है। बच्चों पर निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। बुजुर्गों को एलर्जिक ब्रांकाइटिस ने अपने चपेट में ले लिया है। जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया, सर्दी व जुकाम से पीड़ित रोजाना 70 से 80 बच्चे पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृज कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों का खास खयाल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम की शिकायत होती है। सर्दी से बचाने के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। ताजा भोजन कराएं। दिक्कत महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। सर्द व गर्म से बचे। बच्चों को गंदी जगहों पर जाने से बचाएं।
जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि इस मौसम में एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है। फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती हैं। स्वांस नली में सूजन आ जाती है। दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। सलाह के अनुसार जांच और इलाज कराएं।