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बुखार से किसान की मौत, तीन लोग गंभीर

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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव/सफीपुर।/पुरवा। जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। मंगलवार को बुखार से किसान की मौत हो गई। तीन लोगों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल की ओपीडी में भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी से एक व पुरवा सीएचसी से छह बुखार के मरीजों के सैंपल डेंगू जांच के लिए भेजे गए हैं।
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सफीपुर के सकहन राजपूतान निवासी रतनलाल (48) खेती कर परिवार का पालन पोषण करता था। तीन दिन से उसे बुखार आ रहा था। परिजन उसे मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खिला रहे थे। मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे सीएचसी लाए। यहां उसने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार पीड़ितों में सिविल लाइन के आलोक (13) पुत्र प्रेमशंकर, अचलगंज बदरका के अभिषेक (20), आदर्श (21) को भर्ती कराया गया है। पैथोलॉजी से इंद्रानगर की वैशाली पटेल (20) का सैंपल डेंगू जांच के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया। बुखार के 48 मरीजों की हुई जांच में सात में मियादी बुखार की पुष्टि हुई। पुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को 200 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इसमें बुखार के बीस मरीज शामिल रहे। बुखार के मरीजों में अमित (20), विकास (22), अवधेश (20), आयुषी (12), मंशा (17) व चंदावती (40) को दस दिनों से बुखार आने पर डेंगू जांच के लिए सैंपल भेजे गए। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि रोजाना बुखार के 20-25 मरीज आते हैं। गंभीर मरीजों की जांच कराई जाती है।
जिला अस्पताल में एक से 20 सितंबर तक ओपीडी व इमरजेंसी में बुखार के 398 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें देखने के साथ पैथोलॉजी में जांच करवाई। इसमें 89 मरीजों में मियादी बुखार की पुष्टि हो चुकी है। बुखार पीड़ित गंभीर मरीजों में 144 मरीजों का इमरजेंसी में भर्ती कर और 67 मरीजों को वार्ड में भर्ती कर इलाज किया गया। इमरजेंसी में इलाज के दौरान चार बुखार पीड़ित मरीजाें की मौत भी हुई है।
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इस माह बीस दिन में कराई गई जांच में 32 बुखार के मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। इसमें दो मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में किया गया। वहीं आठ मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। अन्य मरीजों को दवा देकर ही ठीक किया गया है।
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