उन्नाव। नगर पालिका में नियमों की अनदेखी कर वित्तीय अनियमितताओं में अपर मुख्य सचिव ने पालिका अध्यक्ष को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा है। पालिका में किराए के वाहन से लेकर प्रेक्षागृह के सुंदरीकरण और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में गड़बड़झाले की जांच में पुष्टि होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
मालूम हो कि भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने मुख्यमंत्री को शिकायतीपत्र भेजकर नगर पालिका में लाखों के घपले का आरोप लगाया था। शासन के आदेश पर डीएम रवींद्र कुमार ने एडीएम (वित्त/राजस्व) के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम से जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि टैक्स वसूली के लिए जो चार पहिया
वाहन (नंबर यूपी 35एटी1483) किराए पर लिया है उसकी बोर्ड से स्वीकृति नहीं ली गई। इसमें 10.34 लाख का अनियमित भुगतान होने की पुष्टि हुई। निराला प्रेक्षागृह के सुंदरीकरण में एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। लखनऊ की फर्म ऐमन कंसंल्टेंट को कार्य आदेश जारी करके बिना डीपीआर 5.12 लाख का भुगतान किया गया। जिला अस्पताल के पास बने सामुदायिक व पिंक (केवल महिलाओं के लिए) शौचालय में संस्था को 50 प्रतिशत का एडवांस भुगतान कर वित्तीय अनियमितता की।
जीआईसी मैदान में फुटपाथ व डीलक्स शौचालय निर्माण में 44.46 लाख का इस्टीमेट स्वीकृत किया गया। इसमें भी संस्था को आधी धनराशि एडवांस दे दी गई। एडीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इस पर अपर मुख्य सचिव नगर विकास विभाग रजनीश दुबे ने नगर पालिका अध्यक्ष को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने बताया कि उन्होंने कोई भी अनियमित भुगतान नहीं किया है। आरोप गलत हैं। नोटिस और लगाए गए आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव को जवाब भेजा जाएगा। बताया कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका में कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है।