उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ के गांव सुरसैनी में शुक्रवार सुबह मस्जिद की सजावट देखने और ताजिया की जियारत के दौरान मकान की छत ढहने से दो बच्चों समेत तीन की मौत हो गई। करीब 70 लोग घायल हो गए, जिनमें 21 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।
मोहर्रम के मौके सुरसैनी सहित आसपास के अन्य कई गांवों के लोग अपने घरों और मस्जिदों से ताजिया निकाल कर सुरसैनी गांव के इमाम चौक पर रखते हैं। इसके पास स्थित मस्जिद की सजावट भी की जाती है। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे से इमाम चौक पर ताजिया रखने का सिलसिला शुरू हो गया।
जियारत के लिए यहां बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा हो गया। इमाम चौक के पास ही मोहम्मद आगाज का करीब अस्सी साल पुराना मकान है। मकान कमजोर होने से आगाज ने लोगों को छत से ताजिया देखने से रोक दिया था।
शुक्रवार सुबह ही उसने घर में ताला भी लगा दिया। करीब 4.30 बजे जैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने अपने ताजिए इमाम चौक पर रखे। जियारत के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। गांव की महिलाएं और बच्चे दूसरे मकानों की छतों से होते हुए आगाज की छत पर जमा हो गए। दबाव से छत ढह गई।
ऊंचाई से एक के ऊपर एक गिरने और मकान के मलबे में दबने से करीब 70 लोग घायल हो गए। हादसे में अपने भाई के ससुर आगाज के यहां आए हरदोई के मल्लावां निवासी शहनवाज उर्फ शहनूर (22) पुत्र रईस की मौत हो गई। वह कमरे में सो रहा था।
ननिहाल आया जेहदीपुर गांव निवासी फहीम (10) पुत्र वसीम और सुरसैनी गांव निवासी अहमद अली की बेटी नूर फातिमा (8) की मौत हो गई।