उत्तर प्रदेश्ा के बाहुबली नेता राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री की शपथ लिए एक महीने से ज्यादा हो गया है लेकिन अभी तक उन्हें सचिवालय में दफ्तर नहीं मिला है।
दफ्तर नहीं होने के कारण राजा भैया को घर से काम करना पड़ रहा है। विधानसभा सचिवालय प्रशासन का कहना है कि राजा भैया को दफ्तर आवंटित कराने के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी गई है।
आवंटन से संबंधित फाइल अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से वापस नहीं आई है। इसलिए अभी तक राजा भैया को कमरा आवंटित नहीं हुआ है।
कमरा उपलब्ध नहीं है
प्रशासनिक विभाग के मुताबिक सचिवालय में कमरा खाली न होने के कारण राजा भैया को दफ्तर आवंटित नहीं किया जा रहा है। उनके लिए दूसरे कमरे की तलाश की जा रही है।
इससे पहले राजा भैया का दफ्तर जिस कमरे में था, उस कमरे और मंत्रालय को सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी को दे दिया गया है।
जिया उल हक मामले में दिया था
इस्तीफा प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद राजा भैया को मार्च 2012 में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। पहले राजा भैया को
कारागार मंत्री बनाया गया था। इसके बाद खाद्य एवं रसद मंत्रालय सौंपा गया था। इसी साल मार्च में राजा भैया पर कुंडा के डीएसपी जिया उल हक की हत्या के मामले में आरोप लगे थे।
इस पूरे हत्याकांड में राजा भैया की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों के चलते राजा भैया ने इस्तीफा सौंप दिया था।
डीएसपी हत्याकांड में सीबीआई ने बाद में राजा भैया को क्लीनचिट दे दी थी। क्लीन चिट मिलने के बाद अक्तूबर में दोबारा
राजा भैया को मंत्री पद शपथ दिलाई गई। तभी से राजा भैया घर से ही मंत्रालय चला रहे हैं।