सुल्तानपुर में चुनावी मुद्दों पर युवाओं ने खुलकर चर्चा की।
- फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर के युवाओं के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। सरकारी भर्तियों का समय से पूरा न होना और वैकेंसी न निकलने जैसी कई समस्याओं से युवा परेशान हैं। प्राइवेटाइजेशन से भी युवा खफा है। हालांकि, विकास के मुद्दे पर युवाओं ने सरकार की तारीफ की। सुरक्षा के मसले पर छात्राओं की दो अलग-अलग राय देखने को मिली। पढ़िए किसने क्या कहा?
विकास और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर क्या बोले छात्र?
बीए प्रथम वर्ष के छात्र उत्कर्ष सिंह ने विकास के मुद्दों पर सरकार की तारीफ की। कहा कि पहले के मुकाबले काफी काम हुए हैं। सड़कें बेहतर हो गई हैं। स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं ठीक हुई हैं। पहले बोर्ड परीक्षाओं में काफी नकल होते थे, अब ये पूरी तरह से बंद हो गया है। हालांकि सरकार को रोजगार के मामले में अभी काम करने की जरूरत है।
बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा कृतिका त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं के लिए स्टेडियम होना चाहिए। कृतिका के मुताबिक, पहले के मुकाबले हायर एजुकेशन की व्यवस्था बेहतर हो गई है। सड़कें बेहतर हैं।
बीएससी की छात्रा सोनम सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। एक छात्रा ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। प्रिया यादव ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था काफी खराब है। छात्रा अमृता मिश्रा ने प्रिया के दावे को खारिज किया। कहा कि शहर का माहौल बहुत अच्छा है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामात हैं। मैं अकेले रात में भी निकल सकती हूं।
खुशी शुक्ला ने कहा कि गांवों की स्थिति पहले के मुकाबले अब काफी अच्छी है। बिजली व्यवस्था भी ठीक हुई है। गरीबों को मुफ्त राशन, तेल मिलता है। किसानों को किसान सम्मान निधि मिलती है। हालांकि, सड़कें अभी भी खराब हैं।
रोजगार, शिक्षा और महंगाई के मुद्दे पर छात्रों की राय
सुल्तानपुर में चुनावी मुद्दों पर युवाओं ने खुलकर चर्चा की।
- फोटो : अमर उजाला
एक छात्र ने कहा कि 2019 में उन्होंने ग्रुप-डी का फॉर्म भरा था, लेकिन अभी तक उसकी परीक्षा नहीं हुई। सरकार ने एजुकेशन पर 18% का जीएसटी लगाया है। ऋषिकांत राय ने कहा कि इस सरकार ने काफी विकास कार्य किए हैं। हालांकि रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। वैकेंसी को समय से भरना चाहिए।
एमएससी फाईनल ईयर के छात्र विवेक मिश्र ने कहा कि सुल्तानपुर में नेट-जेआरएफ की कोचिंग होनी चाहिए। उज्जवल अग्रहरि ने कहा कि सरकार का प्रयास काफी बेहतर है। व्यवहारिक शिक्षा को छात्रों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में यह और बेहतर होगी। बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र अमन खान ने बताया कि काफी विकास हुआ है। शिक्षा के मामले में काफी काम हुआ है।
शिवांग यादव ने रोजगार का मुद्दा उठाया। कहा कि लेखपाल और यूपी पुलिस की भर्ती अभी भी पेंडिंग में है। इससे हम लोग हतोत्साहित होते हैं। बीएससी कर रहे छात्र आदर्श शुक्ला ने महंगाई का मुद्दा उठाया। कहा कि इसके चलते हर कोई परेशान है। हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। बीए के छात्र सरनजीत सिंह ने कहा कि पढ़ाई में खर्च ज्यादा होता है। उसी हिसाब से नौकरी और सैलरी भी मिलनी चाहिए।
अनुराग विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां बहुत खराब हैं। ये बहुत बड़ा धोखा है। प्राइवेटाइजेशन गलत हो रहा है। अनुराग गौड़ ने कहा कि प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले लोगों के लिए भी सरकार की कोई योजना नहीं है।
रोजगार के मसले पर कृतिका ने अलग राय रखी। कहा कि सरकार ने स्टार्टअप इंडिया, एमएसएमई समेत कई योजनाओं के जरिए युवाओं को स्वरोजगार का मौका दिया है। जो लोग जागरूक हैं, वह इसका लाभ ले रहे हैं। यहां ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते होंगे क्योंकि इन लोगों ने कभी प्रयास नहीं किया। दिव्यांशी पांडेय ने कहा कि सरकार ने कई तरह की योजनाएं शुरू की, लेकिन लोग खुद जागरूक नहीं है। खुद कोई प्रयास नहीं करता है।