सुल्तानपुर। फौजी अजय प्रताप सिंह हत्याकांड में एडीजे प्रथम इंतेख़ाब आलम ने बृहस्पतिवार को पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया है।
कोतवाली नगर के रामनगर कोट गांव निवासी फौजी अजय प्रताप सिंह की तीन अप्रैल 2009 को मेले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के भाई अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की तहरीर पर गांव के ही जितेंद्र सिंह मुन्ना, उसके भाई अतेंद्र सिंह व महेंद्र सिंह, पिता सत्य नरायन सिंह और आरोपी महेश यादव व मुन्नीलाल यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान ही अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की भी आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सह आरोपी मुन्नीलाल यादव की विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद एडीजे प्रथम इंतेखाब आलम ने आरोपी जितेंद्र सिंह मुन्ना, उसके भाई अतेंद्र सिंह व महेंद्र सिंह, पिता सत्य नरायन सिंह व आरोपी महेश यादव को हत्या करने का दोषी करार देते हुए उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।