सुल्तानपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए जिले में की गई व्यवस्था का जायजा लेने शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में बनाए गए पीकू, नीकू वार्ड के साथ ही चार एल-वन प्लस सीएचसी में मॉकड्रिल किया गया।
पूरी व्यवस्था की हकीकत देखने के लिए अयोध्या मंडल के एडी स्वास्थ्य खुद पहुंचे और जिला महिला अस्पताल में बच्चों को पीकू व नीकू वार्ड में भर्ती करके उपचार की व्यवस्था परखी।
दूसरी तरफ जिले की कादीपुर, कुड़वार, लंभुआ और मोतिगरपुर में बनाए गए एल-वन प्लस सीएचसी में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने मॉक ड्रिल कराया। करीब एक घंटे तक चली मॉकड्रिल में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ पल पल पर नजर बनाए रखा।
तीसरी लहर में बच्चों को बेहतर चिकित्सीय सेवा मिल सके इसके लिए जिला महिला अस्पताल की अत्याधुनिक बिल्डिंग में 40 वेड का पीकू वार्ड और चार नीकू वार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक नीकू वार्ड में पांच पांच बच्चों को भर्ती करने के लिए बेड तैयार हैं जबकि जिले में कोविड-19 को लेकर चार एल-वन प्लस (कादीपुुर, कुड़वार, लंभुआ और मोतिगरपुर) प्रत्येक सीएचसी पर 10 बेड आक्सीजन युक्त और दो बेड हाई डिपेेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) बनाए गए हैं।
प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था है। शुक्रवार को अयोध्या मंडल से एडी स्वास्थ्य डॉ. एसके श्रीवास्तव खुद पहुंचे। एडी स्वास्थ्य डॉ. एसके श्रीवास्तव और सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी के सामने जिला महिला अस्पताल की बिल्डिंग में चिकित्सकों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों ने छोटे छोटे बच्चों को एंबुलेंस से उतारकर पीकू और नीकू वार्ड में पहुंचाया, जहां पर ऑक्सीजन लगाकर मॉकड्रिल किया गया।
फिजीशियन डॉ. एससी गुप्ता के साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ पहले से ही तैनात रहे। दूसरी तरफ एल-वन प्लस कोविड-19 सीएचसी कादीपुर, कुड़वार, लंभुआ और मोतिगरपुर में जिले के चार अपर चिकित्साधिकारी इनमें डॉ. राधा बल्लभ, डॉ. जय सिंह, डॉ. एएन राय और डॉ. लक्ष्मण ने मॉकड्रिल कराया।
सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू हुआ मॉकड्रिल करीब साढ़े 11 बजे तक चला। मॉकड्रिल के बाद एडी स्वास्थ्य ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल के कार्यालय में पहुंचे और सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके सोनकर के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ बैठक कर तैयारी का जायजा लिया।