सुल्तानपुर। कोरोना वायरस को लेकर चिंतित जिलेवासियों के लिए राहत भरी खबर आई है। कोरोना वायरस की आरटी पीसीआर जांच अब जिले में ही हो सकेगी। लोगों को जांच रिपोर्ट चार घंटे में ही मिल जाएगी। कम समय में रिपोर्ट मिलने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। समय से इलाज मिलने पर गंभीर किस्म के मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।
कोरोना वायरस के संक्रमण से करीब दो वर्ष से जूझ रहे लोगों को शासन ने राहत दी है। समय से जांच व रिपोर्ट के अभाव में इलाज नहीं मिलने की वजह से कुछ मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच जा रहे थे। इसे देखते हुए शासन ने जिले में आरटी पीसीआर जांच केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी थी। मंजूरी के बाद शहर के करौंदिया स्थित एएनएम सेंटर का कायाकल्प कराकर शासन ने कोरोना जांच के लिए लैब स्थापना का कार्य शुरू कराया था। लैब की स्थापना हो जाने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जनपदों के साथ जिले की भी बीएसएल-2 लैब का वीडियो कांफ्रेंसिंग से शुभारंभ कर दिया। मुख्यमंत्री की ओर से लैब का शुभारंभ किए जाने के बाद जिलेवासियों को कोरोना की आरटी पीसीआर जांच कराने की सुविधा मिल गई। लैब स्थापना हो जाने से अब संदिग्ध लोगों के सैंपलों की जांच जिले में ही हो सकेगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के मौके पर सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. एससी कौशल समेत अन्य चिकित्सक व स्टाफ मौजूद रहे।
अभी तक लखनऊ से कराई जाती रही जांच
चिकित्सकों के मुताबिक अभी तक जिले में बीएसएल-2 लैब नहीं होने से आरटी पीसीआर जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजा जाता था। लखनऊ सैंपल भेजे जाने की वजह से रिपोर्ट मिलने में दो से तीन दिन का समय लग जाता था। रिपोर्ट में दो से तीन दिन का समय मिलने से कोरोना वायरस से पीड़ित गंभीर मरीजों का सही इलाज समय से शुरू नहीं हो पाता था। संक्रमण की दूसरी लहर में इसकी वजह से करीब 140 लोगों की मौत भी हो चुकी है। चिकित्सकों का मानना है कि अब जिले में लैब स्थापित होने से जांच रिपोर्ट करीब चार से पांच घंटे में ही मिल सकेगी। रिपोर्ट जल्द मिलने से गंभीर किस्म के मरीजों का समय से इलाज शुरू हो सकेगा। समय से इलाज शुरू होने से मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।
इनसेट
ट्रायल के तौर पर 10 नमूनों का परीक्षण
मुख्यमंत्री की ओर से अत्याधुनिक मशीनों से लैस बीएसएल लैब-2 का शुभारंभ करने के बाद जांच का ट्रॉयल शुरू हो गया। रविवार को लखनऊ से भेजे गए 10 सैंपलों की जांच कराई गई। इसमें पांच पॉजिटिव व पांच निगेटिव की परीक्षण रिपोर्ट भेजी गई। रिपोर्ट का परीक्षण केजीएमयू में किया गया। सीएमओ के मुताबिक करीब एक माह तक इसी तरह जांच का ट्रॉयल चलेगा। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी।