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बैंकों की हड़ताल से 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित

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अमहट स्थित बड़ौदा यूपी बैंक की क्षेत्रीय शाखा में धरना देते बैंक कर्मी। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में कामगार संगठनों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर पहले दिन सोमवार को बैंकों में लेनदेन की व्यवस्था चरमरा गई। हड़ताल से जिले की डेढ़ सौ से अधिक बैंक शाखाओं में ताला लटका रहा। बैंक कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के पहले दिन करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। लोगों को धन की जमा व निकासी के लिए ग्राहक सेवा केंद्रों का सहारा लेना पड़ा।
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जिले में विभिन्न बैंकों की 192 शाखाएं संचालित हैं। इनमें से 79 शाखाएं बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हैं। 10 प्राइवेट बैंक हैं और 16 भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं हैं। कामगार संगठनों के आह्वान पर सोमवार को जिले में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। भारतीय स्टेट बैंक व प्राइवेट बैंक के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं रहे। बॉब, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक समेत करीब 150 से अधिक बैंक शाखाओं में दिन भर कामकाज नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल से धन की जमा निकासी, चेक क्लीयरेंस, फंड ट्रांसफर का कार्य प्रभावित हुआ।
बैंक हड़ताल से खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गभड़िया के राजेश ने बताया कि शनिवार व रविवार को दो दिन पहले से ही बैंक बंद चल रही हैं। उन्हें सोमवार को बैंक ड्रॉफ्ट बनवाना था। बैंक पहुंचने पर हड़ताल के बारे में पता चला। कटकाखानपुर से बॉब की मुख्य शाखा में पहुंचे राकेश सिंह ने बताया कि कुछ आवश्यक कार्य से उन्हें धन की निकासी करनी थी। बैंक हड़ताल से उन्हें काफी परेशानी हुई। बैंक के खाताधारकों को धन की जमा-निकासी के लिए ग्राहक सेवा केंद्र व अन्य निजी सेवा केंद्रों का सहारा लेना पड़ा। बैंक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार कामगार संगठनों के आह्वान पर की गई हड़ताल से जिले में सोमवार को करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
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अरेबिया के प्रवक्ता शिवकरन द्विवेदी की अगुवाई में अमहट स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष धरने का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंकों से भी सरकार अपनी 50 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसका देश भर में विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शन में विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन करने वालों में आरपी सिंह, आनंद तिवारी, सुरेंद्र पांडेय समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष आलोक सिंह ने बताया कि कामगार संगठनों के आह्वान पर सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में दो दिन की हड़ताल आयोजित की गई है।
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