सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों व महिलाओं को पोषाहार के बदले गेहूं, चावल, दाल व घी मिलेगा। मात्रा के मुताबिक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसका बंदोबस्त करते हुए उसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगी। इसके बाद लाभार्थियों में इसका वितरण होगा। शासन के निर्देश पर नई व्यवस्था की शुुरुआत हो चुकी है।
शासन ने दो माह पहले पोषाहार के बदले आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों व महिलाओं को सूखा राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सूखा राशन देने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी है। निर्देश के मुताबिक केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों व महिला लाभार्थियों को सूखा राशन में गेहूं, चावल, दाल व घी निर्धारित मात्रा के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।
जिम्मेदारी पाईं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गेहूं व चावल का उठान संबंधित कोटेदार से करेंगी। डीसी एनआरएलएम के मुताबिक समूह की महिलाएं दाल की खरीद बाजार से घी की खरीद पराग केंद्र से करेंगी। इसके बाद वे पैकेट तैयार करके आंगनबाड़ी केंद्रों को पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या के मुताबिक उपलब्ध कराएंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से उसे लाभार्थियों में वितरित किया जाएगा। उपायुक्त के मुताबिक कोटेदार को गेहूं व चावल आपूर्ति व विपणन विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। दाल व घी खरीद के लिए समूहों को विभाग से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि में ही स्वयं सहायता समूहों का मेहनताना भी होगा। शासन के निर्देश पर व्यवस्था की शुुरुआत हो गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि जल्द ही सभी लाभार्थियों को सूखा राशन मिलने लगेगा।
उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जीतेंद्र मिश्र ने बताया कि दूबेपुर के दिखौली से इसकी शुुरुआत हो गई है। जल्द ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सूखा राशन उपलब्ध कराया जाएगा।