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ऽदेशभक्ति गीतों से लोगों को एक रहने की सीख देते थे शायर इकबालऽ

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सुल्तानपुर। प्रसिद्ध शायर डॉ. अल्लामा इकबाल की जयंती सोमवार को हाजी मोहम्मद हनीफ मेमोरियल डिग्री कॉलेज के सभागार में मनाई गई। कार्यक्रम में कवियों, शायरों व वकीलों का जमावड़ा रहा। वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर अपने विचार रखे।
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शहीद वीर अब्दुल हमीद एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष मकबूल अहमद नूरी के संयोजन में शायर डॉ. इकबाल की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि डॉ. अल्लामा इकबाल ने हिंदुस्तान की आजादी से पहले तराना-ए-हिंद लिखा था, जिसके प्रारंभिक बोल सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा था। उस समय वे इस सामूहिक देशभक्ति गीत से अविभाजित हिंदुस्तान के लोगों को एक रहने की नसीहत देते थे और इस गीत के कुछ अंश में सभी धर्मों के लोगों को हिंदी है हम वतन है कहकर देशभक्ति और राष्ट्रवाद की प्रेरणा देते थे।
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कार्यक्रम के आयोजक मकबूल अहमद नूरी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए जिले में बीए व एमए में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को सुल्तानपुर रत्न और अजमल सुल्तानपुरी सम्मान से सम्मानित किया।
इसके अलावा मुख्य अतिथि प्रदेश संगठन महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी, अब्दुल मजीद, अब्दुल रशीद, जुलेखा बानो को भी सुल्तानपुर रत्न व अजमल सुल्तानपुरी सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अलीमुद्दीन को कार्यक्रम के संयोजक मकबूल अहमद नूरी ने कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. कमालुद्दीन ने कवि इकबाल के बारे में लोगों को बताया। कार्यक्रम का संचालन अली फहमी ने किया।
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