सिकंदराबाद में रविवार को होने वाली रेलवे की भर्ती के लिए जा रहे परीक्षार्थियों ने मुगलसराय व कैंट स्टेशनों पर दूसरे दिन भी जमकर हंगामा किया। पटना-सिकंदराबाद एक्सप्रेस में कब्जा जमाए परीक्षार्थियों को निकालने के लिए जहां मुगलसराय में आरपीएफ को लाठीचार्ज करना पड़ा वहीं कैंट स्टेशन पर ट्रेन में न चढ़ पाने से नाराज यात्रियों ने जमकर हंगामा-तोड़फोड़ की।
परीक्षार्थियों और यात्रियों के हंगामे के दौरान आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस मूकदर्शक बनी रही। जबकि रेलवे के अफसर या तो कार्यालय छोड़कर भाग गए या अपने कमरों में बंद हो गए। अलर्ट के बाद भी रेलवे और सिविल पुलिस की सारी सुरक्षा तैयारियां नाकाम साबित हुईं।
देर शाम यात्रियों के लिए एक स्पेशल ट्रेन रवाना की गई। करीब चार घंटे के बवाल के बाद जैसे-तैसे मामला शांत हुआ। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि मैं शनिवार को वाराणसी पहुंचकर इस मामले को स्वयं देखूंगा।
यात्रियों को परीक्षार्थियों ने ट्रेन में घुसने नहीं दिया
पटना से सिकंदराबाद जा रही ट्रेन नम्बर-12792 अप सिकंदराबाद एक्सप्रेस शुक्रवार को 3.50 बजे अपराह्न मुगलसराय स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर छह पर पहुंची। परीक्षार्थियों ने पूरी ट्रेन पर कब्जा कर रखा था। पीछे के स्टेशनों पर यात्रियों की शिकायतों के बाद मुगलसराय स्टेशन पर आरपीएफ-जीआरपी ने मोर्चा संभाला।
फोर्स ने जबरन परीक्षार्थियों को उतारना शुरू किया तो गुस्साए युवकों ने रेलवे ट्रैक पर लोहे का एंगल डालकर हंगामा-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जीआरपी-आरपीएफ ने भी स्थिति बिगड़ती देख लाठीचार्ज कर युवकों को दौड़ा लिया और ट्रैक खाली कराया। परीक्षार्थियों की मांग थी कि स्पेशल ट्रेन भेजी जाए या इसी ट्रेन से जाने दिया जाए। बाद में कड़ी सुरक्षा के साथ शाम पौने छह बजे ट्रेन वाराणसी कैंट की ओर रवाना की गई।
ट्रेन के कैंट पहुंचते ही यहां से सवार होने वाले 434 यात्रियों को परीक्षार्थियों ने ट्रेन में घुसने ही नहीं दिया।
यात्रियों और परीक्षार्थियों में जमकर हाथापाई
परीक्षार्थियों और यात्रियों में जमकर धक्कामुक्की और हाथापाई हुई। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस बल मूकदर्शक बना रहा। हालांकि तकरीबन शाम 7 बजे ट्रेन को यहां से रवाना कर दिया गया। ट्रेन में आरक्षण कराए 300 से अधिक यात्री काफी मशक्कत के बाद भी जब ट्रेन में नहीं घुस पाए तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों और उनके परिजनों ने स्टेशन पर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दिया।
स्टेशन मैनेजर विवाद बढ़ता देख कार्यालय से फरार हो गए। घटना की सूचना रेलवे के आला अफसरों को दी गई। यात्रियों की मांग थी कि स्पेशल ट्रेन का इंतजाम किया जाए। जिसे अफसरों ने मान लिया। देर शाम एक स्पेशल ट्रेन से यात्रियों को रवाना किया गया।
सतर्कता मैसेज और तमाम इंतजामों के बाद भी रेलवे अफसर, आरपीएफ-जीआरपी और सिविल पुलिस हालातों पर काबू पाने में असफल रहे। लगातार दूसरे दिन भी पहले परीक्षार्थियों और फिर यात्रियों के हंगामे से माहौल गर्माया रहा। जैसे-तैसे चार घंटे बाद माहौल शांत हुआ। इस पूरे मामले में स्थानीय रेलवे के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।