रेणुकापार पनारी ग्राम पंचायत के खाड़र में वनकर्मियों की पिटाई से घायल हुए आदिवासी रामबरन की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को फिर कोतवाली पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाते बुझाते जल्द ही कार्रवाई करने की बात कही।
इंस्पेक्टर क्राइम माधव सिंह ने बताया कि पूरे मामले में केस दर्ज करने से पहले मृतक के शव का पोस्टमार्टम होना आवश्यक है। इसके लिए डीएम और एसपी को पत्र लिखकर शव को बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा। बीते 11 मार्च को खाड़र निवासी शिवकुमार गोंड ने अपने पिता की मौत के मामले में ओबरा वन प्रभाग में तैनात तीन वनकर्मियों पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस को बताया कि घर के पास स्थित घुमतहवा के जंगल में बकरी चराने के दौरान हुए विवाद में वन कर्मियों की पिटाई से घायल उसके पिता रामबरन गोंड की इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गई थी।