काफी देर तक हंगामे के बाद प्रशासन ने उन्हें शांत कराया। बाद में खाली मतपत्र और मुहर को ट्रेजरी में रखवाया गया था। इस मामले को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उठाया था। चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने की आशंका जताते हुए आयोग में शिकायत की थी।
इस बारे में डीएम को दिए स्पष्टीकरण में घोरावल के आरओ/एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि यह मतपत्र बैलेट यूनिट में लगाने के लिए मिले थे। उपयोग न होने के कारण इसे जमा कराने ले जाया जा रहा था। बुधवार को डीएम टीके शीबू ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के निर्देश के अनुसार घोरावल के आरओ रमेश कुमार को हटा दिया गया है। उनकी जगह श्याम प्रताप सिंह को आरओ की जिम्मेदारी दी गई है। निष्पक्ष और निर्विघ्न चुनाव कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध है।
बगैर सूचना के 116 कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर अनुपस्थित रहे। इसेे गंभीरता से लेते सीडीओ/प्रभारी अधिकारी कार्मिक डॉ. अमित पाल शर्मा ने चुनावी ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मियों के उच्चाधिकारियों को सूची भेज कर जवाब मांगा है। तीन दिन में समुचित जवाब न देने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।