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दस दिनों में ओवरलोड को लेकर नियम स्पष्ट करने की मोहलत के बाद ट्रक मालिकों का धरना खत्म

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चोपन में ओबरा एसडीएम को ज्ञापन सौपते सोनांचल ट्रक ओर्नस एसोसिएशन के पदाधिकारी। - फोटो : SONBHADRA
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सोनांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के बैनर तले पिछले चार दिनों से चल रहा धरना सोमवार को खत्म हो गया। खनिज बैरियर दो के समीप धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने एसोसिएशन के सदस्यों से वार्ता की। उन्हें समुचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ज्ञापन लिया।
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ओवरलोडिंग की आड़ में उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ट्रक मालिकों ने 20 अगस्त से ट्रकों का संचालन ठप करा दिया था और खनिज बैरियर दो के पास धरने पर बैठ गए थे। खदान क्षेत्र से किसी भी वाहन को ओवरलोड नहीं जाने दे रहे थे। उनका कहना था खनिज विभाग और एआरटीओ की मिलीभगत से ट्रक मालिकों का व्यवसाय चौपट हो गया है। ओवरलोडिंग के नाम पर ट्रक मालिकों का उत्पीड़न हो रहा है, जबकि ओवरलोड माल देने वाले क्रशर प्लांट संचालकों और उसे परिवहन की अनुमति देने वाले अफसरों की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही। वह चाहते हैं कि ओवरलोड पूरी तरह बंद हो। सिर्फ अंडरलोड माल का ही वह परिवहन करेंगे। धरनास्थल पर पहुंचे ओबरा एसडीएम जैनेंद्र सिंह व सीओ भास्कर वर्मा ने ट्रक मालिकों से वार्ता की। उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल किशोर ने दस दिनों की मोहलत देते हुए कहा कि इस दौरान मांग पूरी नहीं होती तो वह जिला मुख्यालय पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरने में उपाध्यक्ष अंकुर सिंह, सचिव सरफराज अंसारी, मनीष सिंह, विकास पटेल, सुरेश गुप्ता, देवेद्र सिंह, विनोद सिंह, मामाजी, अमित चौबे, राजीव चौबे, शशिकांत दुबे आदि रहे।
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