जिले में पहले टीके की खुराक पूरी करने के बाद अब विभाग दूसरे टीके से सभी को संपूर्ण रूप से सुरक्षित करने की जद्दोजहद में है। अभी करीब तीन लाख लोगों ऐसे हैं, जिन्होंने टीके की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। विभाग के लगातार प्रयास के बावजूद दैनिक टीकाकरण का आंकड़ा 10 हजार के अंदर ही सिमटा रह रहा है।
किशोरों के टीकाकरण ने भी पहली खुराक में जो गति पकड़ी थी वह भी दूसरी डोज के लिए देखने को नहीं मिल रही है। प्रतिदिन छह हजार से अधिक टीका लगवाने वाले किशोरों के टीकाकरण का आंकड़ा दो से तीन हजार के बीच अटका हुआ है। विभाग के कई प्रयासों के बाद भी इसमें वृद्धि नहीं हो रही। प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी का कहना है कि पहली डोज लगवाने के बाद कुछ लोगों को बदन दर्द और बुखार का एहसास हुआ था। इसके चलते भी लोग दूसरी खुराक लेने से दूर भाग रहे हैं। किशोरों को विद्यालयों में ही टीके की पहली व दूसरी डोज लगाई जा रही है। उनकी संख्या कम होने से भी आंकड़ा बढ़ने में समस्या उत्पन्न हो रही है।