दो दिन से हो रही बारिश के कारण प्रदेश में बिजली की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम मांग जहां दो हजार मेगावाट लुढ़ककर 16 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई है, वहीं न्यूनतम मांग भी घटकर आठ हजार मेगावाट के नीचे आ गई है।
विभिन्न इलाकों में रविवार शाम से ही बादलों की घेरेबंदी शुरू हो गई थी। पश्चिम यूपी में सोमवार तो पूर्वांचल में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई। आसमान में छाये बादलों के कारण ठंड का असर भी कम होने से बिजली की मांग में लगातार गिरावट आनी शुरू हो गई है। रविवार से पूर्व प्रदेश में जहां बिजली की अधिकतम मांग 19 हजार मेगावाट पहुंच गई थी। वहीं न्यूनतम मांग भी 10 हजार मेगावाट पार कर गई। ठंड का प्रभाव कम होते ही अधिकतम मांग बुधवार सुबह 16472 मेगावाट पहुंच गई। इस दौरान न्यूनतम मांग भी गिरकर 7658 मेगावाट रही। दोपहर बाद से गलन में इजाफा हुआ है। ऐसे में मांग में कुछ वृद्धि की स्थिति बनी हुई है।
अनपरा के बिजली घर फुल लोड पर
सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर बुधवार को अनपरा की सभी इकाइयों को फुल लोड पर संचालित किया जा रहा है। दोपहर तक अनपरा ए से 476, बी से 908, डी से 960 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 1116 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान रिहंद हाइड्रो के दो टरबाइनों से भी उत्पादन जारी रहा।