म्योरपुर के मगरा गांव में जांच करती प्रदेश स्तरीय टीम
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शासन के निर्देश पर राज्य स्तर की टीम ने मकरा और पाटी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बृहस्पतिवार को पहुंची टीम तीन दिनों तक रह कर हालात का जायजा लेगी।
टीम में मौजूद स्टेट इंटमोलॉजिस्ट डॉ. सुदेश कुमार ने बताया कि तीन दिनों तक टीम यहां रहकर जांच और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। जो भी कमियां होंगी उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक और मलेरिया की सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश टीम भेजकर मौतों की गणना भी कराई जा रही है। इसके साथ ही उपचार व्यवस्था की स्थिति की भी जांच की जा रही है। मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है। दिसंबर से लेकर जनवरी तक मलेरिया के रोकथाम के लिए क्या-क्या कदम उठाए चाहिए यह प्लान बना हुआ है। वर्तमान स्थिति की जांच कराई जा रही है। इसके बाद एक्शन प्लान बनाया जाएगा। लोगों को सलाह दी जा रही है कि घर के आसपास कहीं पानी रुका न रहने दें। पीने के पानी को ढंक कर रखें। बताया कि जहां मच्छरों का प्रजनन हो रहा है उसको भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। मलेरिया मच्छर के काटने से ही फैल रहा है। ऐसे में मच्छरदानी भी वितरित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में 895000 मच्छरदानी भेजी गई है जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में हम लोग फील्ड में ही रहकर स्थिति का आकलन करेंगे और इसके रोकथाम का योजना बनाई जाएगी। टीम में लैब टेक्नीशियन लखनऊ अमित शुक्ला, जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र श्रीवास्तव, कंसल्टेंट शुभम सिंह, म्योरपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन आदि मौजूद रहे।