सोनभद्र। जिले में बारिश के बाद धान की फसलों में छिड़काव के लिए यूरिया की खेप पहुंचने लगी है। रविवार को करीब 437 मीट्रिक टन यूरिया को सहकारी समितियों पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि इससे किल्लत पर काफी हद तक रोक लगेगी।
जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश से चारों नदियों, जलाशयों, तालाबों, नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश के बाद किसान धान की खेती में जुट गए हैं। लेकिन, जिले के 73 सहकारी समितियों में विंढमगंज, महुली, मेदनीखाड़, कोहड़ा, बट बंतरा, वैनी, परासी, नौडिहा, जुगैल, किरविल, अनपरा, मुर्धवा, बघाडूं, झारो, दुद्वी समेत दो दर्जन से अधिक समितियों पर यूरिया न होने से किसान परेशान हो गए हैं। मजबूरी में किसानें को महंगी दर पर दुकानों से यूरिया खरीदकर खेतीबारी करने को मजबूर हैं। हालांकि समितियों पर सस्ते दर पर किसानों को यूरिया जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिन पूर्व डीएम ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को एक रैक यूरिया जिले में उपलब्ध कराने के लिए पत्रचार किए थे। उसी के क्रम में जिले में 437 एमटी यूरिया की खेप पहुंच गई है और संभावना जताई रही है कि जल्द ही और यूरिया पहुंचेगी। रविवार को सहकरिता विभाग यूरिया समितियों पर भिजवाने में जुटा रहा, ताकि किसानों को मिल सके। पहले उन समितियों पर उर्वरक भेजा जा रहा है, जहां पर एक छटाक भी यूरिया नहीं है।
जिले की समितियों पर जरूरत के अनुसार किसानों को यूरिया मिले, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। 437 मीट्रिक टन यूरिया आई, जिसे समितियों पर भेजा जा रहा है। - टीएन सिंह एआर कोआपरेटिव सोनभद्र।