अभय के मुताबिक जब बेटी पैदा हुई थी तो उसे 20 हजार रुपये का चेक सरकारी सहायता के रूप में मिला था, जो 18 वर्ष की होने पर बेटी को एक लाख रुपये के रुप में मिलता। यह जानकारी ससुर रामदुलारे को थी। 23 अक्तूबर 2015 को सुबह प्रिया की किसी धारदार हथियार से गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। तहरीर पर पुलिस ने नाना रामदुलारे पटेल के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
विवेचना के दौरान हत्या करने में मामा दिलीप कुमार पटेल का नाम प्रकाश में आया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने दिलीप के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध होने पर दोषी दिलीप कुमार पटेल को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।