राजकुमार के पुत्र उपेंद्र नाथ और चंद्रप्रकाश का आरोप है कि पुलिस ने राजकुमार को पहले डांटा और फिर पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। रात करीब पौने आठ बजे बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण थाने पहुंच गए। पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए शव लेकर थाने में घुसने की, लेकिन उनकी मंशा भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया।
नाराज लोग ईंट-पत्थर फेंकने लगे। देर रात तक हंगामा जारी रहा, जबकि पुलिस का कहना था कि पिटाई का आरोप पूरी तरह से निराधार है। रात लगभग 12 बजे एडीएम आशुतोष दुबे ने कोन थाने पहुंचकर मृतक के घरवालों से बातचीत की।
परिजनों का कहना था कि पुलिस ने मारपीट कर हत्या की है। इसलिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद ही धरना समाप्त नहीं करेंगे। अपर जिलाधिकारी ने पुलिस कर्मियों के प्रणाली की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी दुद्धी ले गई।
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि मामले में तुरंत कार्रवाई न करने के आरोप में थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और दरोगा सुनील कुमार दीक्षित की पुलिस लाइन में तैनाती कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई की जा रही है, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।