इस बाबत कोन थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह का कहना था कि जमीन विवाद के मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विवाद सुलझाने पुलिस गांव गई थी। दोनों पक्षों को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना कोई कार्य न करने की हिदायत दी जा रही थी। इसी दौरान राजकुमार की तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद मौत हो गई। पुलिस ने उन्हें छुआ भी नहीं है। पिटाई का आरोप निराधार है।
इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि मिश्री गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। मौके पर पूछताछ के दौरान वृद्ध की तबीयत बिगड़ गई। वह पहले से हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। परिजन उन्हें कोन सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजन पिटाई का आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच कराई जाएगी।