अधिकारियों की चेतावनी के बाद भी कई ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ विशाल सिंह ने कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सामुदायिक शौचालय के निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में ग्राम पंचायत तिलौली के पंचायत अधिकारी का वेतन रोक दिया है। उन्होंने एक व्यक्ति के बाउंड्री के अंदर बन रहे सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर हुए खर्च की रिकवरी का भी फरमान जारी किया है।
28 अक्तूबर को डीपीआरओ विशाल सिंह ने घोरावल के ग्राम पंचायत तिलौली कलां समेत कई गांवों में बन रहे सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को एक सप्ताह में अधूरे निर्माण कार्यों को पूर्ण कराते हुए अनुपालन आख्या प्रेषित करने को कहा। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हुआ। डीपीआरओ ने बताया कि शासकीय कार्य में रुचि न लेने पर ग्राम पंचायत अधिकारी जावेद अहमद का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध कर दिया है। एडीओ पंचायत घोरावल ने इनके ग्राम पंचायत खरदेउर, दीवा, मुसहा, केवटा एवं मुंगेहरी में निर्मित सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कोई भी सामुदायिक शौचालय पूरा नहीं मिला। ग्राम पंचायत के केवटा में निर्मित सामुदायिक शौचालय में वाटर टैंक, पेंटिंग इत्यादि का कार्य बाकी है। सामुदायिक शौचालय निर्माण किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत चहारदीवारी के अंदर कराया गया है जिस पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने समस्त धनराशि रिकवरी करने की संस्तुति की है। ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि अगर एक सप्ताह में सभी सामुदायिक शौचालयों का काम पूरा नहीं हुआ तो इन पर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित कर दी जाएगी। व्यक्तिगत चारदीवारी के अंदर समुदायिक शौचालय निर्माण पर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।