घोरावल क्षेत्र के कोरट गांव में पकड़ा गया विशाल मगरमच्छ
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कोतवाली क्षेत्र के कोरट गांव में रविवार की रात मगरमच्छ मिलने से लोग सहम गए। करीब सात फीट लंबा मगरमच्छ मझौला नाले के पास बैठा था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे पकड़कर सोन नदी में छोड़ दिया।
कोरट गांव में मझौला नाले के पास रविवार की रात ग्रामीण शौच के लिए गए थे। वहां उनकी नजर नाले के किनारे बैठे मगरमच्छ पर पड़ी तो सहम गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। चोपन से आई वन विभाग की टीम ने बांस व रस्सी की मदद से घंटे भर की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता हासिल की। मगरमच्छ को बाद में सोन नदी में छोड़ दिया गया है। इस मौके पर बीडीसी सदस्य नीलू प्रसाद बैगा, महेंद्र पाल, रामप्रसाद, अशर्फी, विजय आदि मौजूद रहे।
जलाशय में उतराया मिला मगरमच्छ
शक्तिनगर। रिहंद जलाशय किनारे सोमवार सुबह मृत अवस्था में मगरमच्छ के उतराए मिलने से लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
घटना बीना पुलिस चौकी क्षेत्र के मिसरा गांव के पास रिहंद जलाशय के किनारे की है। सुबह ग्रामीणों ने मृत अवस्था में मगरमच्छ को उतराया देखा। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के संजय दुबे, राधा कृष्ण, राजेश कुमार, ललन यादव रिहंद जलाशय से मगरमच्छ को बाहर निकलवाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वन कर्मचारियों का कहना था कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चलेगा। वहीं चर्चा इस बात की भी रही कि रिहंद का प्रदूषित जल मगरमच्छ की मौत की वजह बना।