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अब कोटे की दुकान पर गए बिना पा सकेंगे अनाज

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सोनभद्र। अब दिव्यांग, निराश्रित, बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति राशन की दुकान पर जाए बगैर ही अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। इस दिशा में आपूर्ति विभाग ने पहल तेज कर दी है।
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जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगल और पहाड़ों से आच्छादित है। इन इलाकों में दूर-दराज कोटे की दुकानें हैं। ऐसे में गंभीर रोग से पीड़ितों या अधिक उम्र की वजह से लोगों को राशन लेने के लिए कोटे की दुकानों पर जाने में परेशानी होती है। राशन की दुकान से सामान लाने के लिए दुकान पर बायोमेट्रिक पर फिंगरप्रिंट देने होते हैं, जिसके बाद ही सामान मिल पाता है। कई लोग कुछ कारणों से राशन की दुकान पर नहीं जा पाते हैं, जिससे उन्हें राशन नहीं मिलता है। अब वह किसी दूसरे व्यक्ति को इसके लिए अधिकृत कर सकते हैं। आपूर्ति विभाग ने जिन परिवार में 65 साल से अधिक उम्र के लोग हैं और वो फिंगर प्रिंट के लिए दुकान पर नहीं जा सकते और दिव्यांग या बीमारी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को राहत देने के लिए यह पहल की है। उन लोगों को ही नॉमिनी बनाया जा सकता है, जिनके पास पहले से आधार कार्ड हो और उसी दुकान पर पहले से रजिस्टर्ड होंगे।
दिव्यांगों के घर पहुंचाया गया अनाज
कोरोना महामारी के दौरान कई माह तक आपूर्ति विभाग ने कोटेदारों के माध्यम से जिले के करीब 170 दिव्यांगों को उनकेे घर अनाज भेजवाया। वर्तमान में राबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, दुद्धी, बभनी, करमा और कोन ब्लॉक क्षेत्र में करीब तीन लाख 40 हजार 982 पात्र गृहस्थी एवं 60 हजार 558 अंत्योदय कार्डधारक हैं। दोनों मिलाकर चार लाख एक हजार 539 कार्डधारकों के 1499092 सदस्य हैं।
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दिव्यांग, निराश्रित, बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति अगर राशन की दुकान पर पहुंचने में असमर्थ हैं तो वे अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य को राशन लेने के लिए नामित कर सकते हैं। शासन के मंशानुसार वितरण प्रणाली की दुकानदारों के माध्यम से सभी कार्डधारकों को अनाज मुहैया कराया जा रहा है। - गौरीशंकर शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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