राबर्ट्सगंज शीतला माता मंदिर में पूजन अर्चन करते लोग।संवाद
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सोनभद्र। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों ने मां चंद्रघंटा और मां कुष्मांडा की आराधना की। मंत्रोच्चार करते हुए देवी को नारियल-चुनरी चढ़ाई। शीश नवाकर मां से कृपापात्र बनाने की कामना की। घंटे-घड़ियाल के स्वर मंदिर परिसर में गूंजते रहे। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए।
नवरात्र इस बार आठ दिनों का ही है। इसमें तृतीय और चतुर्थी तिथि दोनों शनिवार को एक साथ थी। दो देवियों की पूजा का विशेष दिन होने के कारण दर्शन-पूजन के लिए भक्तों में उत्साह नजर आया। सुबह से ही देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ लगी रही। हाथों में नारियल-चुनरी, माला-फूल व अन्य पूजन सामग्री लेकर भक्त जयकारे लगाते हुए मां के दरबार में पहुंचे। विधि पूर्वक पूजन-अर्चन कर देवी के चरणों में शीश नवाया। दुर्गा चालीसा और सप्तशती का पाठ किया। नगर के प्राचीन शीतला मंदिर, आदिशक्ति दुर्गा मंदिर व अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में शनिवार को पूरे दिन भीड़ लगी रही। सुबह और शाम को आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
चोपन: डाला स्थित वैष्णो मंदिर में नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रधान पुजारी पं. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा का रूप सौम्य है। मां के मस्तक में घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र है। मां के दिव्य स्वरूप का ध्यान करने से हर तरफ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां को लाल रंग के फूल अर्पित करें। मखाने की खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है।