एक सप्ताह से अधिक समय से आवश्यकता से आधा कोयले की आपूर्ति होने से अनपरा परियोजना में कोयले का स्टॉक क्रिटिकल स्थिति में पहुंच गया है। जल्द ही लंबित देयों का भुगतान कर कोयले की आपूर्ति नहीं सुधारी गई तो और इकाइयों को बंद करने की नौबत आ सकती है। शनिवार को अनपरा ए में 23 हजार, बी में 31 हजार व डी परियोजना में 32400 टन कोयले का स्टॉक दर्ज किया गया। यह शुक्रवार 94700 टन के सापेक्ष 9300 टन कम है।
अक्तूबर में 85 करोड़ हुआ है भुगतान
कोयले की आपूर्ति के लिए उत्पादन निगम ने अक्तूबर में अभी तक एनसीएल को 85 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसी के सापेक्ष एनसीएल की ओर से निगम के बिजली घरों को कोयले की आपूर्ति की जा रही है। उत्पादन निगम की परियोजनाओं में अकेले 75 फीसदी कोयले की आपूर्ति अनपरा परियोजना को की जाती है।
बिजली घरों में व्याप्त कोयला संकट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने जनपद में संचालित सभी बिजली घरों में कोयले के स्टॉक की रिपोर्ट मांगी है। दुद्घी के एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि आयुक्त विंध्याचल मंडल के निर्देश पर जनपद की सभी विद्युत परियोजनाओं में कोयले की स्थिति की जानकारी हासिल की जा रही है।
सीएम ने पीएम व कोयला मंत्री को लिखा पत्र
विद्युत इकाइयों में कोयला संकट की स्थिति को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखा है। हालांकि सूत्रों के अनुसार अभी स्थिति में सुधार की कोई गुंजाइश बनती नहीं दिख रही है।