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लगातार बढ़ता जा रहा है हवा में प्रदूषण का स्तर, सुबह और शाम स्थिति खराब

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ताजी हवा की चाह में सुबह और शाम को सैर पर निकलने वालों के लिए यह चिंता बढ़ाने वाली खबर है। दीपावली के बाद से बिगड़ी हवा की गुणवत्ता में अब तक सुधार नहीं हो पाया है। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार 165-175 के बीच बना हुआ है। कुछ ऐसा ही हाल पड़ोसी जनपद मप्र के सिंगरौली का भी है। इस परिक्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक दो सौ के करीब पहुंच चुका है। हवा की खराब स्थिति की यह दशा तब है, जबकि यहां के प्रदूषण स्तर पर विभाग लगातार निगाह बनाए हुए है।
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घने वन और पहाड़ों से घिरा होने के बावजूद जिले मेें हवा की गुणवत्ता हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। खनन, कोयला और बिजली परियोजनाओं के कारण उड़ने वाली धुल, मिट्टी के कण हवा में मिलकर प्रदूषण के स्तर को बढ़ाते रहते हैं। सुबह और शाम में नमी के कारण यह कण वायुमंडल में परत जमा लेते हैं, जिससे कई इलाकों में धुंध की स्थिति बन रही है। सर्दियों में नमी के कारण यह स्थिति अक्सर रहती है। इसके मद्देनजर ही एनजीटी के आदेश पर प्रदेश सरकार ने अनपरा-सिंगरौली परिक्षेत्र में कई पाबंदियां लगाई हैं। यहां के प्रदूषण स्तर पर नियमित निगरानी कराई जा रही है। फिर भी हवा की गुणवत्ता में सुुधार नहीं हो रहा। दीपावली के बाद से ही राबर्ट्सगंज में वायु गुणवत्ता सूचकांक 165-175 के मध्य बना हुआ है। रविवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 170 रहा। सुबह साढ़े छह बजे की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। इसी तरह अनपरा से सटे सिंगरौली में अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक 198 दर्ज किया गया। यह भी सुबह नौ बजे के आसपास रहा। परियोजना क्षेत्रों में लगे उपकरणों के कारण खास क्षेत्र में स्थिति थोड़ी संतोषजनक रही। इस बाबत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. टीएन सिंह का कहना था कि प्रदूषण के स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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