विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार को परियोजना गेट के समक्ष प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध करते हुए जमकर नारे लगाए। निजीकरण वापस न लेने पर चंडीगढ़ के कर्मचारियों के समर्थन में यहां भी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि 1000 करोड़ रुपये का टर्नओवर देने वाला चंडीगढ़ बिजली विभाग पिछले सात साल से लगातार मुनाफा कमा रहा है। चंडीगढ़ में सालाना मुनाफा 257 करोड़ रुपये और लाइन हानि मात्र 9.2 फीसदी है। फिर भी सबसे सस्ती बिजली देने वाले एवं विगत पांच वर्षों से टैरिफ न बढ़ाने वाले चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण पर केंद्र सरकार उतारू है। प्रदर्शन में अंबुज कुमार, प्रह्लाद शर्मा, दीपू गोपीनाथन, कैलाश नाथ, राजमणि, अमृतलाल, दिनेश चौरसिया, आशीष मसीह, आरके पांडेय, सौरभ श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।