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सोनभद्रः चार दिन से लापता संविदा कर्मी का तापीय परियोजना में मिला शव, परिजनों में कोहराम

Fri, 03 Sep 2021 10:35 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

संविदा कर्मी बटेश्वर 30 अगस्त से लापता था। परिजनों ने ओबरा थाने में उसके लापता होने की तहरीर दी थी। शुक्रवार शाम बटेश्वर का शव ओबरा तापीय परियोजना के कोल हैंडलिंग में मिला।
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ओबरा तापीय परियोजना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोनभद्र जिले के ओबरा स्थित तापीय परियोजना (बीटीपीएस ) के 12 नंबर यूनिट के कोल हैंडलिंग में शुक्रवार की देर शाम संविदा कर्मी का शव मिला। वह पिछले चार दिनों से लापता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है।  आरंगी निवासी बटेश्वर पुत्र पनवारी गौड़ (50) नाइट ड्यूटी बताकर 30 अगस्त को अपने घर से निकला। इसके बाद से उसका पता नहीं चला।

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परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चला तो ओबरा थाने में लापता होने की तहरीर दी। पुलिस ने शुक्रवार को परियोजना प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद परियोजना प्रशासन ने संविदा कर्मी की खोजबीन शुरू करवाई।

वहीं देर शाम बीटीपीएस के 12 नंबर यूनिट के कोल हैंडलिंग में 32 मीटर ऊंचाई पर उसका शव मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे ओबरा थाना प्रभारी अभय सिंह ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गए। वहीं मौत की सूचना पाते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

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परियोजना क्षेत्र की समस्याओं पर कर्मचारियों ने दिया धरना

 ऊर्जा भवन बीटीपीएस गेट पर शुक्रवार को उप्र बिजली मजदूर संगठन ने विभिन्न मांगों लेकर शाखाध्यक्ष रामयज्ञ मौर्य की अगुवाई में धरना दिया। कर्मचारियों ने परियोजना क्षेत्र की दुर्व्यवस्था में सुधार की मांग की। सभा में नंदू जायसवाल, अमरेश सिंह, विजय विश्वकर्मा, विवेक पटेल ने कहा कि टेक्नीशियन दो से टेक्नीशियन एक पदों पर तीन वर्षों से लंबित पदोन्नति की बहाली की जाए।

चिकित्सालय में जीवन रक्षक दवाओं की भारी कमी हैं। प्रशिक्षण प्राप्त हुए शेष बचे कार्मिकों को प्रशिक्षण कराकर निगम मुख्यालय के आदेशों का अनुपालन और वरीयता के आधार पर विस्थापितों को आवास मुहैया कराने की मांग की। शाखा मंत्री उमेश चंद ने कहा कि कार्मिकों की भारी कमी है।

प्रशिक्षण प्राप्त होने के बाद भी पदोन्नति ना करना ओबरा प्रबंधन की हठधर्मिता है। प्रांतीय संरक्षक एसवीपी सिंह ने जीवन रक्षक दवाओं के ना मिलने पर गहरा आक्रोश जताया। शाखाध्यक्ष रामयज्ञ मौर्या ने कहा कि यदि प्रबंधन कार्मिकों की पदोन्नति व ज्वलंत समस्याओं का निदान नहीं करता है तो आगामी सप्ताह में गांधीवादी तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। 
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