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कोयले की आपूर्ति लगातार, फिर भी नहीं बढ़ रहा स्टॉक

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केंद्रीय कोयला मंत्री के हस्तक्षेप व बकाया भुगतान अदा करने के बाद उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में दैनिक आवश्यकता के अनुरूप कोयले की आपूर्ति शुरू हो गई है। इसके बाद भी परियोजना की सभी इकाइयों के लगातार फुल लोड पर संचालित होने से कोयले की खपत बढ़ जाने के कारण स्टॉक में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।
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विश्वव्यापी कोयला संकट के दौरान प्रदेश की विद्युत आपूर्ति के आधार 2630 मेगावाट की अनपरा परियोजना में कोयला संकट चरम पर पहुंच गया था। एक समय तो परियोजना में कोयले का स्टॉक 50 हजार एमटी से भी कम हो गया था। इसे देखते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और सीएम ने पीएम व केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखा। परियोजना को दैनिक आवश्यकता के अनुरूप कोयले की आपूर्ति शुरू हो पाई। प्रबंधन के अनुसार परियोजना की सभी सात इकाइयों के उत्पादनरत होने की स्थिति में परियोजना को 40 हजार एमटी कोयले की आवश्यकता होती है। सोमवार को परियोजना को 41126 एमटी कोयले की आपूर्ति की गई। इस दौरान परियोजना में कोयले का स्टॉक मंगलवार सुबह तक 245263 एमटी दर्ज किया गया। यह छह दिनों से अधिक का स्टॉक बताया जा रहा है। परियोजना को इस समय नियमित रूप से औसतन 40 हजार एमटी कोयले की आपूर्ति हो रही है।
हरदुआगंज व पारीछा की इकाइयों के बंद होने से बढ़ी समस्या
कोयला संकट के दौरान उत्पादन निगम सहित प्रदेश के निजी बिजली घरों में भी कोयले की कमी दर्ज की गई थी। हालांकि मौसम परिवर्तन के कारण इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग में कमी ने पावर कारपोरेशन के साथ प्रदेश सरकार को भी समस्या से निपटने में काफी मदद की। बिजली की मांग में कमी को देखते हुए प्रबंधन ने तत्काल हरदुआगंज व पारीछा की इकाइयों को रिजर्व शट डाउन पर ले लिया है। लगभग एक माह से ये इकाइयां बंद चल रही हैं। नतीजतन सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर अनपरा, लैंको व ओबरा की इकाइयों को लगातार फुल लोड पर संचालित किया जा रहा है।
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