उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में मंगलवार सुबह तक सात दिन से अधिक का कोयले का स्टॉक हो गया है। आवश्यकता के अनुरूप कोयले की आपूर्ति के साथ लगातार कोई न कोई इकाई बंद होने के कारण परियोजना का कोल स्टॉक में रोज 10 हजार एमटी का इजाफा हो रहा है।
एक माह पूर्व देश के बिजली घरों में व्याप्त कोयला संकट के दौरान अनपरा परियोजना में संकट गहरा गया था। भुगतान सहित अन्य समस्याओं के कारण परियोजना को रेल रैक से कोयले की आपूर्ति बंद हो गई थी। एक समय तो परियोजना में महज एक दिन का कोयला शेष रह गया था। ऐसे में प्रदेश सरकार के साथ केंद्र को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। उसके बाद भुगतान संबंधी समस्याओं के भी दूर हो जाने से परियोजना को आवश्यकता के अनुरूप कोयले की आपूर्ति शुरू हो गई। मंगलवार सुबह 2630 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना में कोयले का स्टॉक 283651 एमटी रहा, जबकि दो दिन पूर्व रविवार सुबह यह 262502 एमटी था। परियोजना की सभी इकाइयों के संचालित होने की स्थिति में परियोजना को प्रतिदिन औसतन 40 हजार एमटी कोयले की आवश्यकता पड़ती है। प्रबंधन के अनुसार अपेक्षित कोयले की आपूर्ति होने के कारण स्टाक में उतरोत्तर सुधार होगा।
अब भी मानक के अनुरूप नहीं है स्टॉक
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार कोल खदानों के मुहाने पर स्थित बिजली परियोजनाओं में कम से कम 15 दिन का कोयले का स्टॉक होना चाहिए। अनपरा परियोजना कोल इंडिया की प्रमुख अनुषंगी कंपनी एनसीएल के बगल में है। इसके बाद भी अब भी परियोजना में महज सात दिनों का ही कोल स्टॉक है।