अभी दूसरी इकाई लाइटअप भी नहीं हो पाई थी कि अपरिहार्य कारणों से अनपरा परियोजना की तीसरी इकाई को भी शट डाउन लेना पड़ा। एक बार फिर से दो इकाइयों के बंद हो जाने के कारण परियोजना के उत्पादन में भारी गिरावट आई है।
प्रबंधन के अनुसार ब्वायलर लाइसेंस रिन्यूअल होने के कारण 210 मेगावाट की तीसरी इकाई को शट डाउन लिया गया है। लखनऊ से आई टीम ब्वायलर का इंस्पेक्शन करेगी। उसके बाद बुधवार को इकाई को लाइटअप कर लिये जाने की संभावना है। इससे पूर्व बीएचईएल के विशेषज्ञ अभियंता अब भी तकनीकी कारणों से बंद 210 मेगावाट की दूसरी इकाई के अनुरक्षण में जुटे हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही दूसरी इकाई को लाइटअप किया जा सकता है। हालांकि थर्मल बैकिंग बंद होने के कारण मंगलवार को अनपरा की उत्पादनरत पांच व लैंको की दोनों इकाइयों से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया गया। इस दौरान अनपरा ए से 166, बी से 919, डी से 956 व लैंको परियोजना से 1132 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। 500 मेगावाट से अधिक की वृद्धि के साथ मंगलवार सुबह बिजली की अधिकतम मांग 15812 मेगावाट दर्ज की गई। शाम तक मांग 12 हजार मेगावाट पार कर गई। पीक ऑवर में मांग में इजाफा होता देख सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर रिहंद हाइड्रो की तीन टरबाइनों से 150 मेेगावाट उत्पादन किया गया। अन्य टरबाइनों के भी चलाये जाने की संभावना बनी हुई है।