अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 निहारिका चौहान की अदालत ने बुधवार को साढ़े नौ साल पूर्व कक्षा 10 की छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी को दस साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में 31 जनवरी 2012 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी बेटी कक्षा 10 की छात्रा है। वह 15 जनवरी 2012 को राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित अपने ननिहाल गई थी। जब वह स्कूल गई थी तभी खेखड़ा गांव निवासी कौशल पुत्र रामलगन ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। एक फरवरी को पुलिस ने लड़की को राबर्ट्सगंज बस स्टेशन के पास से बरामद कर लिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कौशल के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोष सिद्ध पाकर दोषी कौशल को 10 साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित रहेगी। साथ ही पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि मिलेगी।