सीतापुर। शहर के फत्तन सरांय वार्ड निवासी फिरोज अहमद को बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विश्वकर्मा श्रम सम्मान से नवाजा है। उन्हें मोची ट्रेड की टूल किट और प्रमाण पत्र दिया गया है। वह काफी उत्साहित हैं। वह पिछले 24 वर्षाें से इस काम से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।
फिरोज अहमद ने बताया कि वर्ष 1999 से जूते-चप्पल बनाने का काम कर रहे हैं। समय बीतने के साथ एक कारखाना खोला और खुद जूते चप्पल बनाकर बेचने लगे। वह तामसेनगंज स्थित अपनी दुकान से ही जूते चप्पल बनाकर बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक बेटी और दो बेटे हैं। यह व्यवसाय ही परिवार की आजीविका का माध्यम है। बीते दिनों छह दिन का एक टूल किट प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जूता बनाने की आधुनिक तकनीक सिखाई गई। इससे व्यवसाय को पंख लगेंगे।
पिता के संघर्ष को सफल बना रही संतानें
फिरोज अहमद ने बताया कि उसकी बेटी इल्मा कुरैशी विद्या ज्ञान स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा है। एक बेटा मोहम्मद अबान कक्षा आठ और दूसरा मोहम्मद असहाब कक्षा पांच में सिविल लाइंस स्थित ग्रेस मार्डन स्कूल में पढ़ता है। फिरोज ने बताया कि वह परिवार के लिए ही संघर्ष करते हैं। बच्चे उनके इस संघर्ष को मेहनत से पढ़कर सफल बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र में ग्राम सिकटिया, कनवाखेड़ा के पते पर पंजीकरण कराने के बाद योजना का लाभ मिला है। सीएम ने टूल किट और प्रमाण पत्र दिया है। सम्मान पाकर काफी खुश हूं।
एक साल में 1075 लाभार्थी लाभान्वित
वर्ष 2023-24 में सीतापुर के 1075 लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण दिलाया गया है। इस योजना के माध्यम से पारंपरिक ट्रेड के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। फिरोज को आगरा के एक संस्थान ने छ: दिवसीय प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टूल किट भेंटकर सम्मानित किया। वहीं, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। छह दिन का करीब 2400 रुपये मानदेय लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जा चुका है।
- आशीष गुप्ता, जिला उपायुक्त उद्योग, सीतापुर