फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट परिसर में वृद्ध ने आत्मदाह का किया प्रयास

विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत ऑफिस के सामने आत्मदाह कोशिश करने वाले बुजुर्ग को ले जाती पुलिस? - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
सीतापुर। रामकोट इलाके के एक बुजुर्ग ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। यह देख पास में मौजूद होमगार्ड दौड़े और बुजुर्ग को आत्मदाह करने से रोक लिया। घटना के बाद हड़कंप मच गया। जिम्मेदार भी हरकत में आए। आननफानन में टीम बनाकर मौके पर भेजी गई। टीम ने जांच की है।
विज्ञापन

रामकोट इलाके के ननोईया मजरा दारानगर निवासी वृद्ध रामदास गुरुवार को कलेक्ट्रट परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगाने का प्रयास किया। पास में मौजूद होमगार्ड ने बुजुर्ग को ऐसा करने से रोक लिया। सूचना मिलते पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने पीड़ित की बात सुनी।
उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों ने उसके दो पैतृक खंडहर पर उसकी गैर मौजूदगी में अवैध कब्जा कर लिया। वापस आने पर मामले की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। इस उन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि वह भूमिहीन व आवासहीन है। उसने बताया कि अवैध कब्जे को लेकर 19 जून, तीन जुलाई 2018 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था।
विज्ञापन

आठ जुलाई को दरोगा और सिपाही जांच केे लिए गए थे, लेकिन मामले में कार्रवाई करने के बजाए वह उल्टे उसे ही धमकाकर चले गए थे। बुजुर्ग का कहना है कि पूर्व में इस मामले को लेकर उसने संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत की थी और चेतावनी भी दी थी कि कब्जा नहीं दिलाया तो वह आत्मदाह कर लेगा। पीड़ित का कहना है कि मामले में कोई सुनवाई न होने से उसने ऐसा कदम उठाया है।
जांच के बाद लौटी टीम ने वाद दायर करने की दी राय
कलेक्ट्रट परिसर आत्मदाह के प्रयास की हुई घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मामले को गंभीरता से लिया। घटना के बाद एसडीएम, सीओ ने नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की टीम बनाकर मौके पर जांच के लिए भेजा। जांच को नायब तहसीलदार, प्रभारी एसओ रामकोट दयानंद तिवारी मौके पर गए। प्रभारी एसओ का का कहना है कि जांच के बाद टीम गांव से लौट आई है और पीड़ित को मामले में दीवानी न्यायालय में वाद दायर करने की राय दी गई है।
टीम ने दोनों पक्षों को समझाया
पुलिस व राजस्व की टीम भेजकर जांच कराई गई है। 1997 में पत्नी की मौत के बाद बुुजुर्ग गांव से चले गए थे। 2018 में वापस आए। पुश्तैनी झोपड़ी पर इनके भाइयों के बेटे रह रहे हैं। दूसरे पक्ष का कहना है कि बुजुर्ग के बेटे ने उनका हिस्सा बेच दिया था। स्टांप भी दिखाए हैं। बुजुर्ग का कहना है कि बेटा बेच नहीं सकता है। टीम ने दोनों पक्षों को बिठाकर समझाया है। सिविल कोर्ट जा सकते हैं। जमीन के कोई दस्तावेज इन लोगों के पास नहीं हैं। चार तारीख को ऑनलाइन शिकायत की बात कह रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर कहीं दिख नहीं रही है।
विज्ञापन

- पीयूष सिंह, सीओ सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें