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नदियां उफनाईं, 50 गांवों में घुसा पानी

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रेउसा इलाके के नगीनापुरवा में महिलाएं बाढ़ के पानी से गुजरती हुई। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। तराई इलाके में एक बार फिर से शारदा व सरयू नदी उफना गई हैं। लगातार बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से नदियों का जलस्तर एकाएक अधिक हो गया। इसकी वजह से बिसवां तहसील के करीब 35 व रामपुर मथुरा के 15 गांवों में पानी पहुंच गया है। तमाम संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसकी वजह से आवागमन में समस्या खड़ी हो गई है।
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तहसील प्रशासन द्वारा अभी तक नावें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इससे लोगों की दुश्वारियां एक बार फिर बढ़ने लगी है। रामपुर मथुरा में सरयू नदी खतरे से महज 20 सेंटीमीटर दूर है।
बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी बह रही है। बीती रात जलस्तर में काफी तेजी आई। पिछले तीन दिन से गांवों में जलस्तर काफी कम हो रहा था। इससे लोग राहत महसूस कर रहे थे। लेकिन फिर से अब उनकी मुश्किल बढ़नी शुरू हो गई है। ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा के श्रीरामपुरवा, भदेमरपुरवा, गोडियनपुरवा, धूसपुरवा, कहारनपुरवा में पानी घुस गया है।
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किशोरगंज से श्रीरामपुरवा रोड पर पानी चल रहा है। पूर्व प्रधान अजीज के घर से सामने खड़ंजे पर पानी भर गया है। इसके अलावा आशारामपुरवा, निर्मलपुरवा, दुर्गापुरवा, रामलालपुरवा, लोधपुरवा, गार्गीपुरवा, लालापुरवा, संभारीपुरवा, सुकईपुरवा, श्यामनगर, मरेली, जैतहिया, सलामतपुरवा व जिन्नापुरवा में बाढ़ का पानी घुस गया है।
ग्राम पंचायत ताहपुर के पांच मजरों में पानी आ गया है। इसके अलावा ठेकेदारपुरवा, चहलारी, राजापुर, गोडिय़नपुरवा, बारिनपुरवा, जैतहिया, पासिनपुरवा, परमेश्वरपुरवा, दर्जिनरेती व जंगलटपरी पानी से घिर गए है। इन गांवों में अभी तक नावें नहीं दी गई है।
सरयू नदी लाल निशान से महज 20 सेमी दूर
रेउसा बहराइच हाइवे डेलिया से राजापुरकलां लालपुर रोड पर पानी भर गया है। इससे लोगों के सामने आवागमन व खाना पीने का संकट खड़ा होने लगा है। महमूदाबाद तहसील के 15 गांवों में पानी पहुंच गया है। आवागमन के लिए बने रास्तों पर जलभराव होने से मुश्किलें बढ़ गई है। यहां पर सरयू नदी लाल निशान से महज 20 सेमी दूर रह गई है।
फतेपुरवा मजरे अटौरा में लगे मीटर गेज पर सरयू का जलस्तर 118.80 सेमी दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान के करीब है। केवड़ा, बगस्ती, अर्जुनपुरवा, हरीपुरवा, बंगालीपुरवा, कनरखी, अंगरौरा, अखरी, मिश्रनपुरवा सहित अन्य गांवों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। लोगों को दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों में पानी भर जाने से खाने व पशुओं के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
चहलारी घाट पुल की निकली सरिया
चहलारी घाट पुल दुर्घटना को दावत दे रहा है। कारण, करीब साढ़े तीन किलोमीटर के पुल में 50 से अधिक गड्ढे हो गए है। इनमें पुल की सरिया दिखाई दे रही है। कई सरिया बहुत नुकीली निकली हुई है। यह आए दिन हादसों का कारण बन रही हैं। फिर भी जिम्मेदार इसकी अनदेखी कर रहे हैं। इससे राहगीरों में जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
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जलस्तर में वृद्धि के कारण कई लोगों ने तटबंध पर डेरा जमाया है। इनके लिए प्रकाश, शुद्ध पेयजल व शौचालय की व्यवस्था करवाई जा रही है।
- मनीष कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
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