हरगांव थाना क्षेत्र में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस को च
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सीतापुर। लखनऊ से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार रात कार से सीतापुर के रास्ते लखीमपुर के लिए निकलीं। पुलिस की घेराबंदी को चकमा देने के लिए वे कार की पीछे वाली सीट के नीचे छिपकर जा रही थी। इस बात का खुलासा हरगांव में कार की चेकिंग के दौरान हुआ। पुलिस सूत्रों की माने तो सीट के नीचे प्रियंका गांधी बैठी थीं।
लखनऊ से प्रियंका गांधी के निकलने के बाद राजधानी से जिले के डीएम व एसपी को फरमान सुनाया गया कि किसी भी कीमत पर कांग्रेस महासचिव को लखीमपुर नहीं जाने दिया जाए। राजधानी से फरमान आते ही डीएम-एसपी अलर्ट मोड पर आ गए। अटरिया से लेकर लहरपुर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया।
मामले की नजाकत को देखते हुए प्रियंका गांधी ने रूट ही बदल दिया। इसकी सूचना मिलते ही डीएम-एसपी के होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस पूरी ताकत से प्रियंका गांधी को पकड़ने के लिए घेराबंदी करने लगी। आखिर में हरगांव में उन्हें रोक लिया गया।
पांच घंटे तक उबड़-खाबड़ रास्तों पर भटकती रहीं प्रियंका
पुलिस से बचकर लखीमपुर पहुंचने के लिए प्रियंका गांधी ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की। पांच घंटे तक अनजान सड़कों, गलियों में कार से भटकती रहीं। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर उनकी कार हिचकोले खाती रही। मकसद बस यही था कि किसी तरह लखीमपुर पहुंच जाएं। पर तमाम जद्दोजहद व परेशानियां झेलने के बाद भी प्रियंका गांधी लखीमपुर नहीं पहुंच सकीं। पुलिस ने हरगांव में उन्हें रोक लिया।
छावनी में तब्दील रहा हरगांव
प्रियंका गांधी डाल-डाल तो जिले का पुलिस और प्रशासनिक अमला पात-पात की तर्ज पर चला। इसमें पुलिस को कामयाबी भी मिली। प्रियंका गांधी ने अपना रास्ता बदला तो पुलिस ने उन तक पहुंचने के लिए पुलिसिंग का ढर्रा बदल दिया। सूत्रों की माने तो पुलिस ने पूरे हरगांव इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। ऐसी कोई डगर, सड़क नहीं थी, जहां पुलिस न लगी हो। एसपी आरपी सिंह की यही रणनीति कारगर साबित हुई।