सीतापुर। दहेज उत्पीड़न के कारण हुई एक विवाहिता की मौत के मामले में फंसे पति को कोर्ट ने आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही उत्पीड़न में बराबर का सहयोग देने के लिए सास व ससुर को भी तीन तीन वर्ष की सजा भुगतना होगी। बाइक व सोने की चेन की मांग पूरी न करने के कारण एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट टैंक कोर्ट राममणि पाठक ने इस पूरे मामले की सुनवाई करते हुए दोषियों को सजा सुनायी। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार शुक्ला द्वारा की गई। बताया कि मछरेहटा थानाक्षेत्र के ददेवरा निवासी शिवशंकर का विवाह विनीता देवी के साथ 2012 में हुआ था।
इस मामले में विनीता के ससुरालवालों द्वारा दहेज में बाइक व चैन की मांग की जा रही थी। इसी मांग के चलते 2014 में विनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में पिता द्वारा केस दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को दहेज हत्या के लिए आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दहेज के लिए प्रताड़ित करने के लिए शिवशंकर के पिता मेढ़ई व मां शिवकली को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गयी।