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जितना मुझे दबाओगे, उतनी बुलंदी से किसानों की आवाज उठाऊंगी : प्रियंका गांधी

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सीतापुर। प्रियंका गांधी ने मंगलवार रात पीएसी गेट के बाहर धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं से वर्चुअल बात की। मेरे प्यारे साथियों से शुरुआत करते हुए कहा कि आप सब यहां दिन रात संघर्ष कर रहे हैं। हमारे देश के किसानों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखा रहे हैं। आप सब समझते हैं कि किसान ही हिन्दुस्तान है। किसान देश का अन्नदाता है। जब कोई किसान संघर्ष या आंदोलन में अपनी जान गंवाता हैं, तब हम उसे मृतक नहीं शहीद करते हैं।
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उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी सरकार है, जिसके मंत्री भरी सभा में जनता को धमकाते है। उसका बेटा गाड़ी के पहियों से किसानों को कुचल देता है। सरकार इन अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाए अपनी पूरी पुलिस फोर्स को विपक्ष की महिला को रोकने के लिए लगा देती है। मोदी जी, आपसे पूछना चाहती हूं कि आपकी नैतिकता कहां है। एक श्लोक को संस्कृत में सुनाने के बाद उसका अर्थ बताते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता की रक्षा सबसे बड़ा धर्म है।
सभी जीवों के प्रति करुणा और रक्षा का भाव रखना एक राजा का सबसे बड़ा धर्म है। आज मोदी जी आजादी का अमृत महोत्सव मनाने यहां से 100 किलोमीटर दूर आए थे, लेकिन किसानों के आंसू पोंछने के लिए लखीमपुर खीरी नहीं आ पाए। हम तानाशाही के सामने नहीं झुकेंगे। जितना हमें रोकने की कोशिश करोगे उतना ही बुलंदी से किसानों की आवाज उठाऊंगी। हम संघर्ष तब तक खत्म नहीं करेंगे, जब तक केंद्रीय मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देता। जब तक उसका अपराधी बेटा गिरफ्तार नहीं होता। चाहे हमें कितने भी दिनों के लिए यहां रुकना पड़े।
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